रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले, टर्मिनल-4 में आग; उड़ानें रोकी गईं

रियाद: सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हालात सोमवार को भी सामान्य नहीं हो पाए। एयरपोर्ट पर हूती बलों के लगातार हमलों के चलते उड़ानों का संचालन बंद रहा। रविवार को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल एयरपोर्ट के टर्मिनल-4 से टकराया, जिससे आग लग गई। इसके बाद अधिकारियों ने उड़ानों पर रोक 12 अक्टूबर की आधी रात तक बढ़ा दी।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालकी ने टर्मिनल पर हुए हमले की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि उसी दिन एयरपोर्ट के आसपास एक क्रूज़ मिसाइल को सऊदी एयर डिफेंस ने समय रहते मार गिराया।
शनिवार का भीषण हमला और अब तक का नुकसान
यह ताज़ा घटनाक्रम शनिवार 10 अक्टूबर को हुए एक बड़े मिसाइल हमले के बाद सामने आया है। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। मरने और घायल होने वालों में सऊदी नागरिक और निवासी शामिल थे। इसके अलावा बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान के लोग भी इसकी चपेट में आए। घायल एक भारतीय नागरिक ने रविवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया।
अगर 6 से 8 अक्टूबर के बीच हुए हमलों को जोड़ दें, तो पूरे हफ्ते में हमलों की एक लंबी कड़ी बन जाती है। इन शुरुआती हमलों में चार लोगों की जान गई थी। यानी एयरपोर्ट पर खतरा अचानक नहीं आया, बल्कि कई दिनों से लगातार बढ़ रहा था।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने शनिवार से अब तक एयरपोर्ट के खिलाफ कम से कम चार ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एयरलाइंस और यात्रियों से सऊदी एयरस्पेस से दूर रहने की चेतावनी भी दी है। उन्होंने इस इलाके को "ऑपरेशन का क्षेत्र" बताया है, जिससे हवाई यात्रा पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
हालात को देखते हुए रियाद के स्कूलों में रविवार से गुरुवार तक ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है। शहर में सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता साफ दिख रही है।
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निंदा हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हमलों की कड़ी निंदा की और एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि की। भारत के विदेश मंत्रालय ने भी हूती हम