रियाद एयरपोर्ट पर हमला, हैदराबाद के यूसुफ अली समेत 13 की मौत

रियाद (सऊदी अरब): किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर 2026 को हूती मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। मृतकों में हैदराबाद के मेहदीपटनम निवासी 46 वर्षीय आईटी पेशेवर मोहम्मद यूसुफ अली शामिल हैं। वे उमराह यात्रा के लिए परिवार के साथ चेक-इन काउंटर पर थे।
उनकी पत्नी समीरा और 11 साल की बेटी मरियम को मामूली चोटें आईं। बड़े बेटे अमान (18) और छोटे बेटे वासी (16) गंभीर रूप से घायल हुए। अमान का घुटने का ऑपरेशन हुआ, जबकि वासी के पैर की तीन उंगलियां गंवानी पड़ीं। परिवार की एक चाची के सिर में चोट आई और उनकी सर्जरी करनी पड़ी।
यह हमला 6 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच हुए हमलों की एक श्रृंखला का हिस्सा था। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और उन्हें सऊदी अभियानों के जवाब में बताया। मृतकों और घायलों में अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन, सूडान, बांग्लादेश, सऊदी अरब और भारत के नागरिक शामिल थे।
हमले के बाद एयरपोर्ट पर संचालन रोक दिया गया। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, अकासा एयर और इंडिगो ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द कर दीं। दम्माम, जेद्दा और मदीना के रास्ते कुछ विकल्प चालू रहे, जबकि अन्य रूटों पर व्यवधान बना रहा।
यूसुफ अली का अंतिम संस्कार 12 अक्टूबर को रियाद में किया गया। हैदराबाद में उनकी गायबाना नमाज-ए-जनाजा होनी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शोक जताया है, और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी परिवार और दूतावास के संपर्क में हैं।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास की 14 अक्टूबर की सलाह के मुताबिक दो भारतीय नागरिक गहन चिकित्सा इकाई में हैं, एक हाई-डिपेंडेंसी यूनिट में है, चार सामान्य वार्ड में हैं और एक को छुट्टी दी जा चुकी है। दूतावास का 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम +966-11-488469 या 8002471234 पर, व्हाट्सएप +966-536216082 पर और ईमेल [email protected] पर उपलब्ध है। सऊदी अधिकारियों ने उड़ान बाधा के कारण वीज़ा अवधि पार होने पर लगने वाले जुर्माने माफ करने की घोषणा की है।
इसी बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर 14 अक्टूबर को अबू धाबी पहुंचे। वहां उन्होंने उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नहयान और मंत्री रीम अल हाशिमी से मुलाकात की। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा और खाड़ी क्षेत्र में जारी अस्थिरता के बीच क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।