रियाद एयरपोर्ट हमला: 12 की मौत, 300 से अधिक घायल

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद से एक दर्दनाक ख़बर आई है। 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला हुआ, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हो गए। हमला उस वक्त हुआ जब एयरपोर्ट पर सामान्य आवाजाही चल रही थी, और इसने पूरे शहर में दहशत फैला दी।
मृतकों और घायलों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं। इनमें चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और एक-एक अमेरिकी, मिस्री, जॉर्डन, सीरियाई, फ़िलिस्तीनी और सूडानी नागरिक बताए गए हैं। मिसाइल एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और 4 से टकराई, जहां से घरेलू उड़ानों का संचालन होता है।
हमले के बाद एयरपोर्ट और शहर का हाल
हमले के बाद सऊदी अधिकारियों ने एयरपोर्ट का बंद रहना आगे बढ़ा दिया है और सभी परिचालन रोक दिए गए हैं। रियाद के स्कूलों में एक हफ़्ते के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का फ़ैसला लिया गया है। शहर में सुरक्षा हालात को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे "पूर्ण युद्ध अपराध" और "कायराना आतंकी हमला" बताया और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि दम्माम के किंग फ़हद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पास एक प्रक्षेपास्त्र गिरा, अल-खर्ज में एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका गया और पूर्वी इलाके में एक ड्रोन मार गिराया गया।
इसी बीच हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एयरलाइनों और यात्रियों को चेतावनी दी कि मक्का और मदीना के अलावा सऊदी अरब के किसी भी एयरपोर्ट के लिए उड़ान न भरें। उन्होंने बाकी हवाई क्षेत्र को सैन्य अभियान का इलाका घोषित किया है। यह चेतावनी आने वाले दिनों में हवाई यात्रा पर बड़ा असर डाल सकती है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेश ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए नागरिक ढांचे को निशाना बनाने को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग ने इसे गंभीर तनाव बढ़ने वाली घटना और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा कहा।
अमेरिका की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन हूती ठिकानों पर सऊदी हमलों में शामिल होने के विकल्प पर विचार कर रहा है। वि