रियाद एयरपोर्ट पर हूथी हमला, तीन मौतें; सऊदी का 136 ठिकानों पर जवाब

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 8 अक्टूबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब ईरान-समर्थित हूथी बलों ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मिसाइलों से निशाना बनाया। हमले में एक खड़े हुए, खाली सऊदिया विमान को भी नुकसान पहुंचा। इस घटना में तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें सऊदिया के कैप्टन हमूद अली अलकलथामी भी शामिल हैं। कई देशों के नागरिक घायल हुए हैं।
हवाई अड्डे पर हुए इस हमले का असर उड़ानों पर सीधा दिखा। सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। लुफ्थांसा, एयर इंडिया, अकासा एयर और एतिहाद ने अपनी सेवाएं निलंबित कर दीं। यूरोपीय एविएशन सुरक्षा एजेंसी EASA ने यूरोपीय एयरलाइनों को सऊदी हवाई क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले अबहा और रियाद के हवाई अड्डों पर हुए हमलों में तीन लोगों की जान गई थी। इनमें एक सूडानी व्यक्ति और मोरक्को व अल्जीरिया की दो महिलाएं थीं। उन हमलों में दर्जनों लोग घायल हुए थे और मलबे से एक किंडरगार्टन तथा एक मेडिकल कॉम्प्लेक्स को भी नुकसान पहुंचा था।
इन लगातार हमलों के जवाब में सऊदी अगुवाई वाले गठबंधन ने 10 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। गठबंधन ने हूथी नियंत्रित इलाकों में 136 सैन्य ठिकानों को तबाह करने का दावा किया है। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी के अनुसार, कार्रवाई हूथी लड़ाकों और उनकी सैन्य क्षमताओं पर केंद्रित रही। यमन के सादा प्रांत में हमलों के असर की पुष्टि की गई है।
सऊदी अरब पर हुए इन हमलों की संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान और खाड़ी के कई अन्य देशों ने कड़ी निंदा की है। हवाई अड्डे पर हमले से यह साफ है कि यमन से जुड़ा संघर्ष अब आम नागरिकों की रोज़मर्रा की यात्रा और सुरक्षा को भी सीधे प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में उड़ान सेवाओं की बहाली और हूथी प्रतिक्रिया पर सबकी नज़र रहेगी।