रियाद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला: GCC ने की कड़ी निंदा

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हुए मिसाइल हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को हिला दिया है। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने इस हमले को "विश्वासघाती आतंकी हमला" करार दिया है।
यह इस एयरपोर्ट पर एक हफ्ते के भीतर तीसरा हमला है। इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर को हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी और 36 लोग घायल हुए थे। खाड़ी देशों में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और एक-एक व्यक्ति अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का बताया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी पुष्टि की है कि मरने वालों में एक अमेरिकी नागरिक शामिल है।
हमले के बाद एयरपोर्ट पर कामकाज ठप
हमले के तुरंत बाद सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने एयरपोर्ट पर सभी संचालन रोकने की घोषणा कर दी। यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए उड़ानों का रुकना तय माना जा रहा है, लेकिन नई समय-सारणी की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
GCC महासचिव अलबुदैवी ने कहा कि नागरिक सुविधा को बार-बार निशाना बनाना एक आपराधिक सिलसिला है, जिसका मकसद आम लोगों में दहशत फैलाना और यात्रियों की जान खतरे में डालना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय और मानवीय कानूनों का सीधा उल्लंघन है। उनके अनुसार सऊदी अरब की सुरक्षा सभी GCC देशों की साझा सुरक्षा का हिस्सा है और सभी सदस्य देश इस मुद्दे पर एकजुट हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने इस हमले को "पूर्ण युद्ध अपराध" बताया। गठबंधन ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सख्त जवाब देने का संकल्प लिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज़ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इस हमले के जवाब में संभावित जवाबी कार्रवा