रियाद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में हैदराबाद के इंजीनियर की मौत

रियाद (सऊदी अरब): शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ उमराह के लिए मदीना जाने वाली फ्लाइट का इंतज़ार कर रहे थे।
हमले के बाद मलबा परिवार पर गिर गया। इसमें यूसुफ अली की पत्नी समीरा, 11 साल की बेटी मरयम और उनकी चाची अतिया सुल्ताना घायल हुईं। अतिया सुल्ताना के सिर में चोट आई है।
उनके बेटे अमन अली (18) और वासी अली (16) गंभीर सदमे में हैं। अमन के घुटने की सर्जरी हुई है और वह अभी आईसीयू में हैं। वासी के पैर में चोट आई है और उन्हें पैर की तीन उंगलियां गंवानी पड़ी हैं।
10 अक्टूबर के हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। घायलों में सऊदी अरब, बांग्लादेश, अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के नागरिक शामिल हैं। परिवार ने यूसुफ अली का अंतिम संस्कार 12 अक्टूबर को रियाद में करने का फैसला किया है।
भारतीय दूतावास रियाद घायलों की स्थिति पर नज़र रख रहा है और परिवार को मदद दे रहा है।
इससे पहले 12 अक्टूबर को एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 पर हुए एक अलग हमले में एक व्यक्ति की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए। 14 अक्टूबर को हूती समूह ने दम्माम में आरामको की सुविधाओं और रियाद की एक रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि राजधानी की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया गया, और निवासियों के लिए हवाई खतरे की चेतावनी जारी रही।
हूती प्रवक्ता याह्या सरिया ने एयरलाइनों को चेताया है कि यमन में सैन्य कार्रवाई के जवाब में सऊदी एयरपोर्ट अब वैध निशाना माने जाएंगे।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने इन हमलों की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। भारत सरकार ने भी इन हमलों की औपचारिक निंदा की है। विदेश मंत्रालय के बयान में एयरपोर्ट पर बार-बार हो रहे हमलों को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया गया है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई गई है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 10 अक्टूबर के हमले को युद्ध अपराध बताया है और निर्णायक सैन्य जवाब देने की बात कही है।