रियाद एयरपोर्ट हमला: हैदराबाद के आईटी पेशेवर की मौत, परिवार घायल

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 बजे किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए रियाद एयरपोर्ट हमले ने भारतीय समुदाय को गहरा सदमा दिया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइल टर्मिनल 3 और 4 के चेक-इन काउंटर के पास गिरी, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। इन घायलों में 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
इसी हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी पेशेवर मोहम्मद यूसुफ अली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने 11 अक्टूबर को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह अपनी पत्नी समीरा, बेटों अमन और वसी, बेटी मरियम और बुआ अतिया सुल्ताना के साथ मदीना की ज़ियारत पर जा रहे थे। पूरा परिवार चेक-इन की कतार में था, तभी हमला हुआ।
परिवार की हालत
यूसुफ अली के परिवार की हालत भी चिंता बढ़ाने वाली है। बड़े बेटे अमन घुटने की सर्जरी के बाद अब भी डॉ. सुलैमान अल हबीब अस्पताल के आईसीयू में हैं। छोटे बेटे वसी के पैर की तीन उंगलियां चली गई हैं। अतिया सुल्ताना के सिर में चोट आई थी और उनकी सर्जरी हुई है, फिलहाल वह स्थिर बताई जा रही हैं। समीरा और मरियम को मामूली चोटें आई हैं।
हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इस मामले में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की है। भारतीय दूतावास रियाद परिवार को स्वदेश लाने और इलाज में मदद कर रहा है। दूतावास के मुताबिक तीन भारतीय नागरिक आईसीयू में स्थिर हैं, दो वार्ड में भर्ती हैं और बाकी को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
मोहम्मद यूसुफ अली का जनाज़ा 12 अक्टूबर को इशा की नमाज़ के बाद मस्जिद अल राजही में होना तय है। हैदराबाद के मेहदीपटनम में उनकी गायबाना नमाज़ भी रखी गई है, ताकि वहां के लोग भी उन्हें आखिरी सलाम दे सकें।
इसी बीच, हमले के बाद की स्थिति और गंभीर होती दिख रही है। रविवार को एक और हमला रियाद एयरपोर्ट पर हुआ, जिसमें एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई। दम्माम के किंग फहद एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया गया, जिसके बाद वहां उड़ानें रद्द हुईं और एयरपोर्ट बंद करने पड़े। भारतीय विदेश मंत्रालय ने नागरिक ढांचे पर इन हमलों की कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई