रियाद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला: 12 की मौत, 309 घायल

रियाद, सऊदी अरब: शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को मिसाइल हमले का निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 309 लोग घायल हुए। हमला इतना भयानक था कि हवाई अड्डे का कामकाज तुरंत रोकना पड़ा और बंदी की अवधि बढ़ानी पड़ी।
हमला मुख्य रूप से टर्मिनल 3 और टर्मिनल 4 पर हुआ, जहाँ से घरेलू उड़ानों का संचालन होता है। सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने एयरपोर्ट पर सभी गतिविधियाँ स्थगित कर दीं। मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक और एक-एक अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान का नागरिक शामिल बताए गए हैं।
अमेरिका और पूरी दुनिया की प्रतिक्रिया
हमले के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे नागरिक ढाँचे पर किया गया आतंकी हमला बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने पुष्टि की कि इसमें एक अमेरिकी नागरिक की मौत हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे विचार कर रहे हैं कि क्या अमेरिका हूतियों के खिलाफ जवाबी हमलों में हिस्सा ले। वहीं, सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने तुरंत सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों से एयरपोर्ट से दूर रहने को कहा है, क्योंकि उड़ानें लगातार रद्द हो रही हैं।
रविवार, 11 अक्टूबर को हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने चेतावनी जारी की। उन्होंने सभी यात्रियों और एयरलाइनों से मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट से बचने को कहा और दावा किया कि सऊदी हवाई क्षेत्र अब एक युद्धक्षेत्र बन चुका है। एक अन्य प्रवक्ता मोहम्मद अल-बुखैती ने इस हमले को यमनी लोगों की घेराबंदी और उनके शहरों पर होने वाली बमबारी का जवाब बताया।
जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की जानकारी दी है। वहीं हूती मीडिया ने सनआ गवर्नरेट में सऊदी हवाई हमलों की बात कही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले की तीखी निंदा हुई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतेरेश ने इसे अंतरराष्ट