रियाद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में हैदराबाद का आईटी प्रोफेशनल समेत 13 लोगों की मौत, 300 से ज्यादा घायल

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर की शाम को हूती विद्रोहियों ने मिसाइल हमला किया। इस हमले में 13 लोगों की जान चली गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह पिछले एक दशक में सऊदी अरब में हुआ सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
मारे गए लोगों में हैदराबाद के मेहदीपटनम के रहने वाले 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली भी शामिल हैं। यूसुफ पिछले दस साल से रियाद में रह रहे थे और हमले के वक्त वह अपने परिवार के साथ चेक-इन कियोस्क के पास इंतजार कर रहे थे।
इस हमले में उनकी पत्नी समीरा और तीन बच्चे अमन, वसी और मरियम घायल हुए हैं। 18 साल के अमन के घुटने की सर्जरी करनी पड़ी है, जबकि 16 साल के वसी की तीन उंगलियां कट गई हैं। इसके अलावा 11 अन्य भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं, जिनमें से कई अभी आईसीयू या एचडीयू में भर्ती हैं।
रियाद में भारतीय दूतावास ने 18-19 अक्टूबर को नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों को हवाई हमलों के दौरान खिड़कियों से दूर अंदरूनी कमरों में शरण लेने की सलाह दी गई है। दूतावास ने यह भी कहा है कि कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए लोग ऐसी घटनाओं की रिकॉर्डिंग न करें।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट फिलहाल बंद है और दम्माम, जेद्दा व मदीना में भी उड़ानों पर असर पड़ा है। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो ने 24 अक्टूबर तक सऊदी अरब की उड़ानें निलंबित कर दी हैं, जबकि अकासा एयर ने इसे 27 अक्टूबर तक बढ़ाया है।
एयरलाइंस ने 15 अक्टूबर या उससे पहले बुकिंग कराने वाले यात्रियों के लिए 10 नवंबर तक मुफ्त तारीख बदलने, अन्य विकल्प या पूरे रिफंड की सुविधा दी है। फंसे हुए लोगों के लिए ओवरस्टे जुर्माने में भी छूट दी जा रही है।
समुद्र में भी हमले हुए हैं, जहां 11 अक्टूबर को ओमान के सोहार एंकरेज पर एमटी पेट्रो डॉल्फिन टैंकर पर ड्रोन हमला हुआ। इसमें कुशीनगर के अमित सिंह और देवरिया के बीर बहादुर यादव नाम के दो भारतीय क्रू सदस्य लापता हैं। उसी दिन होर्मुज जलडमरूमध्य में एमटी वैल्थेरा जहाज पर भी हमला हुआ, लेकिन वहां सभी भारतीय क्रू सुरक्षित बच गए।
विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के मौजूदा संघर्ष में अब तक छह भारतीयों की मौत और एक के लापता होने की पुष्टि की है। 28 फरवरी से अब तक करीब 3 लाख भारतीय इस क्षेत्र से वापस लौट चुके हैं।
16 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने कहा कि जीसीसी देशों में रहने वाले लगभग 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा भारत का मुख्य राष्ट्रीय हित है। उन्होंने नागरिक बुनियादी ढांचे और व्यावसायिक जहाजों, जैसे एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी, एमटी पेट्रो डॉल्फिन और एमटी वैल्थेरा पर हमलों की निंदा की।