रियाद एयरपोर्ट हमले में हूती मिसाइलों से 18 लोगों की मौत, उड़ानें ठप

रियाद: रियाद एयरपोर्ट हमले में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की बैलिस्टिक मिसाइलों और प्रोजेक्टाइल से कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई है और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का संचालन 17 अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। एक हफ्ते में हुए इन हमलों को सऊदी अरब की ज़मीन पर एक दशक में हुआ सबसे घातक हमला बताया जा रहा है।
सबसे बड़ा हमला शनिवार 10 अक्टूबर को हुआ, जब टर्मिनल क्षेत्र में तीर्थयात्री और यात्री उड़ान का इंतज़ार कर रहे थे। सऊदी मीडिया मंत्रालय के मुताबिक पहले हमले में 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें चार सऊदी नागरिक थे। बाद में एक भारतीय नागरिक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
11 अक्टूबर को टर्मिनल 4 पर हुए एक और हमले में एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए। मृतकों और घायलों में सऊदी नागरिकों, एक पाकिस्तानी निवासी और एक भारतीय नागरिक के साथ बांग्लादेश के नागरिक भी शामिल बताए गए हैं।
यह संघर्ष खाड़ी देशों में ईरान समर्थित हमलों के बड़े सिलसिले का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसकी ज़द में यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान भी आए हैं। बाब अल-मंदब के पास सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के हमले के जवाब में हूती विद्रोहियों ने ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया है। दहरान में अरामको की एक प्रशासनिक इमारत को भी निशाना बनाया गया, जहां कोई हताहत नहीं हुआ। वहीं, रोकी गई मिसाइलों के मलबे से रियाद में चार लोग घायल हुए और आवासीय संपत्तियों को नुकसान पहुंचा।
मंगलवार 13 अक्टूबर को नागरिकों को इलाके से हटने की चेतावनी देने के बाद सऊदी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने यमन में सना के पश्चिम में अल-सबाहा स्टेशन समेत हूती-संबंधित ऊर्जा ठिकानों पर हमले किए।
विमानन क्षेत्र पर भी इसका भारी असर पड़ा है। सऊदी से होने वाली एक-तिहाई से ज़्यादा उड़ानें रद्द हो गई हैं और एतिहाद तथा गल्फ एयर जैसी एयरलाइनों ने कुछ रूट बंद कर दिए हैं। सुरक्षा चिंताओं के बीच तेल की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई हैं।
यूएई के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने खाड़ी देशों से रक्षा सहयोग मज़बूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है। क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और सऊदी कैबिनेट ने हूती विद्रोहियों को जवाबदेह ठहराने का संकल्प लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों की निंदा करते हुए इन्हें अस्वीकार्य बताया और अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावना की ओर इशारा किया।
14 अक्टूबर तक हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं, मिसाइलों को रोकने की घटनाएं जारी हैं और कई सेवाएं अब भी बंद हैं।