रियाद एयरपोर्ट हमला: 12 की मौत, ट्रंप बोले- जवाब पर विचार जारी

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 309 लोग घायल हुए। हमला एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल 3 और 4 पर हुआ। इस घटना के बाद अमेरिका से लेकर खाड़ी देशों तक हलचल तेज़ हो गई है, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे इसके जवाब पर फैसला लेने की प्रक्रिया में हैं।
मरने वालों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। इनके अलावा सऊदी अरब के नागरिकों के साथ बांग्लादेश, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के लोग भी इस हमले का शिकार हुए। एयरपोर्ट पर उस समय यात्रियों की भारी भीड़ थी, और धमाकों के बाद अफरा-तफरी मच गई।
ट्रंप ने इस हमले को "स्वीकार्य नहीं" बताया। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका सऊदी अगुवाई वाले सैन्य अभियानों में शामिल होने के विकल्प पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात करेंगे। ईरान के खिलाफ हमले फिर से शुरू करने की संभावना को भी उन्होंने पूरी तरह खारिज नहीं किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे नागरिक जीवन के प्रति "निंदनीय" लापरवाही बताया।
गठबंधन की सख्त चेतावनी, उड़ानों पर असर
यमन की वैध सरकार के समर्थन में लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इस हमले को "पूर्ण युद्ध अपराध" करार दिया। गठबंधन ने कड़ा और निर्णायक जवाब देने का वादा किया है।
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने पुष्टि की है कि हमले की वजह से एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए परिचालन रोकना पड़ा और आने वाली कई उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। यह हमला पिछले एक हफ्ते में हुई उस श्रृंखला की कड़ी है, जिसमें किंग खालिद और अबहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहले हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
हालात को देखते हुए अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और स्पेन ने अपने नागरिकों को रियाद एयरपोर्ट से बचने की सलाह जारी की है। वहीं रियाद में अधिकारियों ने अगले एक हफ्ते के लिए स्कूलों में ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा लागू करने का आदेश दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने भी इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए सऊदी अरब के साथ एकजुटता दोहराई है।