रियाद एयरपोर्ट हमला, हूती मिसाइल और ड्रोन से 18 की मौत, खाड़ी में उड़ानें रद्द

रियाद (सऊदी अरब): ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों में रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इन हमलों के बाद सऊदी अधिकारियों ने देश के दूसरे सबसे व्यस्त इस एयरपोर्ट को 17 अक्टूबर तक बंद कर दिया है।
सबसे भयावह घटना 10 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर हुई, जब घरेलू टर्मिनल परिसर पर हमला हुआ। सऊदी मीडिया मंत्रालय ने इस हमले का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, जिसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने की है। सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में शुरुआत में 13 लोगों की मौत हुई, और घायलों की मौत के साथ यह संख्या बढ़ती गई।
मृतकों में एक भारतीय नागरिक, चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। 11 अक्टूबर को टर्मिनल 4 पर एक और हमला हुआ, जिसमें एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई और 11 लोग घायल हुए। पिछले एक हफ्ते के एयरपोर्ट हमलों में कुल मौतों का अनुमान 18 से 20 के बीच है।
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम बनाया है। दूतावास ने नागरिकों से हवाई अलर्ट के दौरान घरों के अंदर रहने और उड़ान की स्थिति पर नजर रखने को कहा है। मृतकों में हैदराबाद के 46 वर्षीय एक आईटी पेशेवर भी हैं, जो परिवार के साथ उमराह के लिए गए थे। कई अन्य भारतीय नागरिक गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती बताए गए हैं।
हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। एतिहाद एयरवेज ने रियाद, जेद्दा और दम्माम की उड़ानें रोक दी हैं, जबकि कतर एयरवेज ने रियाद और दम्माम की सेवाएं बंद की हैं। इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर ने 17 अक्टूबर तक सऊदी जाने वाली उड़ानें रद्द की हैं। एमिरेट्स, फ्लाईदुबई और एयर अरेबिया ने भी सेवाएं निलंबित की हैं। सिरियम के आंकड़ों के मुताबिक व्यस्त दिनों में सऊदी से होने वाली 50 फीसदी से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं।
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी एयरपोर्ट, अरामको की सुविधाओं और सैन्य ठिकानों पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने एक सऊदी विंग लूंग II ड्रोन को मार गिराने का दावा भी किया है। वहीं सऊदी गठबंधन सेना ने रियाद, खमीस मुशैत और पूर्वी प्रांत के पास इंटरसेप्टर से जवाब दिया और हुदैदा, अमरान और सना में हूती नियंत्रित इलाकों पर जवाबी हमले किए।
यह संघर्ष फरवरी से जारी उस व्यापक क्षेत्रीय तनाव का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले और बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के पास सऊदी समर्थित अभियान शामिल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों की आलोचना की और कहा कि अमेरिका सऊदी अभियान में शामिल होने पर विचार कर रहा है। ईरान ने मध्यस्थता की पेशकश की है, जबकि कतर के अमीर ने खाड़ी के जलमार्गों और ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। आईएमएफ ने संघर्ष के असर को देखते हुए मध्य पूर्व की विकास दर का अनुमान घटाया है।
रियाद में अभी भी हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं और क्षेत्र के अधिकारी हाई अलर्ट पर हैं।