रियाद एयरपोर्ट हमले में कामारेड्डी के शेख सईद की मौत, तीन हफ्ते ICU में रहे
रियाद एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में घायल तेलंगाना के भारतीय प्रवासी शेख सईद की इलाज के दौरान मौत हो गई।

रियाद: किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में गंभीर रूप से घायल हुए एक भारतीय प्रवासी की मौत हो गई है। तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के रहने वाले 36 वर्षीय शेख सईद ने अस्पताल के आईसीयू में तीन हफ्ते तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद दम तोड़ दिया।
शेख सईद एयरपोर्ट स्थित स्टारबक्स आउटलेट में काम करते थे। 10 अक्टूबर को यमन स्थित ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार, 4 नवंबर को उनकी मृत्यु की पुष्टि की।
दूतावास के राजदूत श्री विपुुल ने इस घटना पर दुख जताया और संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि सईद पिछले तीन हफ्तरों से अधिक समय से आईसीयू में थे और अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
सईद कामारेड्डी की सैलानी बाबा कॉलोनी (सैनी बाबा कॉलोनी) के निवासी थे और पिछले 10 से 12 वर्षों से सऊदी अरब में काम कर रहे थे। उनके परिवार में पत्नी, दो बेटियां, एक बेटा और रियाद में रहने वाले दो भाई हैं। उड़ानों में हो रही दिक्कतों के कारण परिवार ने उनका अंतिम संस्कार और दफन रियाद में ही करने का फैसला किया है।
10 अक्टूबर के इस हमले में जान गंवाने वाले वह दूसरे भारतीय नागरिक हैं। इससे पहले हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हुई थी, जो उमराह के लिए यात्रा कर रहे थे और हमले के दौरान छत गिरने से उनकी जान चली गई थी।
इस हमले में अब तक कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार सऊदी नागरिक और 10 विदेशी शामिल हैं। मृतकों में दो भारतीय और दो बांग्लादेशियों के अलावा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के लोग शामिल हैं। इस हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
अन्य प्रभावित भारतीयों में केरल का एक नागरिक अभी भी आईसीयू में स्थिर हालत में है, जबकि एक अन्य का इलाज सामान्य वार्ड में चल रहा है। भारतीय दूतावास सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान कर रहा है।
दूतावास ने नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की इस घटना की कड़ी निंदा की है। इसे फरवरी में संघर्ष बढ़ने के बाद सऊदी धरती पर सबसे घातक हमलों में से एक बताया गया है। सऊदी अरब में करीब 25 लाख भारतीय रहते हैं, जिनके लिए भारतीय मिशन सुरक्षा चिंताओं के बीच हेल्पलाइन चला रहे हैं।