रियाद एयरपोर्ट मिसाइल हमला: 12 की मौत, 309 घायल, कई उड़ानें प्रभावित

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 309 लोग घायल हुए हैं। सऊदी अरब में पिछले एक दशक में यह अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है, और इसने देश के एयरपोर्ट सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सरकार ने मृतकों की पहचान की पुष्टि कर दी है। इनमें चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक अमेरिकी, एक मिस्री, एक जॉर्डन, एक सीरियाई, एक फिलिस्तीनी और एक सूडानी नागरिक शामिल हैं। इस हमले से पहले 6 और 7 अक्टूबर को किंग खालिद और अबहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोग मारे गए थे और 36 घायल हुए थे।
एयरपोर्ट बंद, उड़ानें डायवर्ट
सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने नुकसान का आकलन करने और सुरक्षा जांच के लिए एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इससे कई उड़ानें दूसरे रास्तों पर मोड़नी पड़ी हैं और कई की रद्दीकरण की खबर है। ऐसे समय में यह व्यवधान और भी बड़ा है, क्योंकि देश कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेज़बानी की तैयारी कर रहा है, जिनमें WPC एनर्जी कॉन्ग्रेस और फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव इंस्टीट्यूट का वार्षिक शिखर सम्मेलन शामिल है।
अमेरिकी मिशन ने सऊदी अरब में सुरक्षा अलर्ट जारी कर अमेरिकी नागरिकों से एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाके से दूर रहने को कहा है। अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को इस सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले विशेष अनुमति लेनी होगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस हिंसा को "निंदनीय" बताया। वहीं सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के इस हमले को "पूर्ण रूप से युद्ध अपराध" करार दिया और "निर्णायक जवाब" देने का वादा किया।
घायलों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ़ तैनात किया है, और कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। कुवैत, जॉर्डन, पाकिस्तान और भारत समेत कई देशों ने इस हमले की निंदा की है। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इसे संघर्ष में "खतरनाक बढ़ोतरी" बताया है।