रियाद एयरपोर्ट पर प्रोजेक्टाइल हमला, टर्मिनल में आग; उड़ानें बंद

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल पर एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरा, जिससे आग लग गई। अधिकारी आग पर काबू पाने में जुटे हैं। इसी दौरान एयरपोर्ट के आसपास सऊदी एयर डिफेंस ने एक क्रूज़ मिसाइल को भी हवा में ही मार गिराया।
एयरपोर्ट फिलहाल बंद है और सभी उड़ानों का रुख दूसरी जगह मोड़ दिया गया है। शहर के स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। उसी दिन होर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर भी एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, हालांकि जहाज़ के सभी चालक दल के सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।
यह घटना एक दिन पहले, शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को इसी एयरपोर्ट पर हुए भीषण हमले की कड़ी मानी जा रही है। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक उस हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर है। मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक शामिल हैं।
हूती विद्रोहियों पर आरोप, सऊदी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सऊदी नेतृत्व वाले यमन गठबंधन ने इन हमलों के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया है। गठबंधन ने इन्हें युद्ध अपराध बताया है और कड़ा जवाब देने का वादा किया है। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सरी ने चेतावनी दी कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र अब उनके लिए ऑपरेशन का मैदान होंगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज़ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन हूती ठिकानों पर सऊदी नेतृत्व वाले हमलों में शामिल होने पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि की और तुरंत हिंसा रोकने की मांग की। अमेरिकी दूतावास ने सऊदी अरब में सरकारी कर्मचारियों की यात्रा रियाद, जेद्दा और दम्माम के एयरपोर्ट से सीमित कर दी है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हैंस ग्रुंडबर्ग ने इन हमलों को गंभीर बढ़ोतरी बताते हुए निंदा की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने भी इसी तरह की बात कही और क्षेत्रीय अस्थिरता के लिए ईरान समर्थित गुटों को दोषी ठहराया। संयुक्त अरब अमीरात और भारत के विदेश मंत्रालय ने भी हमलों की निंदा की है। ब्रिटेन, जर्मनी, स्पेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के दूतावासों ने अपने नागरिकों को रियाद एयरपोर्ट से बचने की सलाह दी है। यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।
फिलहाल सबकी नज़र इस पर है कि क्या हमले यहीं रुकते हैं या क्षेत्र में टकराव और बढ़ता है। एयरपोर्ट बंद होने से ह