रियाद एयरपोर्ट हमला: हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की मौत

Nura Basta12 October 20263 min read0 viewsSaudi
रियाद एयरपोर्ट हमला: हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की मौत

रियाद (सऊदी अरब): रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमले में हैदराबाद के मेहदीपटनम इलाके के रहने वाले 46 वर्षीय IT प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की जान चली गई। यूसुफ अली करीब 10 साल से रियाद में नौकरी कर रहे थे। रियाद एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला उनके परिवार के लिए ऐसा सदमा बन गया, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी।

यूसुफ अली 10 अक्टूबर को अपने परिवार के साथ उमराह के लिए मदीना जाने की तैयारी में एयरपोर्ट पर थे। तभी मिसाइल एयरपोर्ट पर आ गिरी। गंभीर रूप से घायल यूसुफ अली को अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन, 11 अक्टूबर को, उन्होंने दम तोड़ दिया। हमले में उनके दोनों पैर काटने पड़े थे और उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा था।

परिवार के बाकी सदस्यों की हालत

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यूसुफ अली के दो बेटे, 18 साल के अमन अली और 16 साल के वसी अली, भी इस हमले में घायल हुए हैं। अमन का घुटने का ऑपरेशन हुआ है, जबकि वसी के पैर की तीन उंगलियां गंवानी पड़ीं। दोनों अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्नी समीरा और 11 साल की बेटी मरियम को मामूली चोटें आई हैं। यूसुफ अली की बहन जैसी रिश्तेदार अतिया सुल्ताना के सिर में गंभीर चोट आई है, लेकिन उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

इस हमले में कुल 13 लोगों की मौत हुई है और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। मरने और घायल होने वालों में 11 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। सऊदी अरब के नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के लोग भी इसकी चपेट में आए। एयरपोर्ट के सीसीटीवी फुटेज में टर्मिनल 3 और 4 पर हुए असर को साफ देखा जा सकता है। इसके बाद एयरपोर्ट के कुछ हिस्से बंद करने पड़े और कई उड़ानें रद्द हुईं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। भारतीय दूतावास रियाद परिवार की मदद कर रहा है और यूसुफ अली के शव को भारत भेजने की प्रक्रिया में सहायता दे रहा है। AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने परिवार और दूतावास के अधिकारियों से बात करने के बाद इन जानकारियों की पुष्टि की है।

यह घटना खाड़ी देशों में चल रहे बड़े तनाव का हिस्सा दिखती है, जिसका असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ रहा है। 11 अक्टूबर को ओमान के सोहर एंकरेज में नीकारागुआ झंडे वाले टैंकर MT पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें दो भारतीय नाविक बीर बहादुर यादव और अमित सिंह लापता हैं। इससे पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में MT वाल्थेरा पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। शारजाह एंकरेज में MT GEM NO. 2 और ओमान के तट के पास MT ऑन पीस पर हुए हमलों में 11 भारतीय घायल हुए थे।

शिपिंग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल और विदेश मंत्रालय इन घटनाओं पर नजर रखे हुए हैं। उधर हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे पर और हमले की धमकी दी है। ऐसे में खाड़ी में रहने वाले भारतीय परिवारों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

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