रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में हैदराबाद के भारतीय इंजीनियर की मौत, राजदूत ने प्रवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए एक प्रोजेक्टाइल हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ अली की जान चली गई। इस हादसे के बाद सऊदी अरब में मौजूद 26 लाख भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय राजदूत विपुल ने एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है।
मोहम्मद यूसुफ अली पिछले दस सालों से रियाद में काम कर रहे थे और मेहदीपटनम, हैदराबाद के रहने वाले थे। वह अपनी पत्नी समीरा, बेटों अमन और वसी, बेटी मरियम और अपनी चाची के साथ उमराह के लिए फ्लाइट का इंतजार कर रहे थे, तभी हमले के मलबे की चपेट में आने से यह पूरा परिवार घायल हो गया।
अस्पताल में इलाज के दौरान यूसुफ अली की मौत हो गई। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं, जिनमें बेटे अमन के घुटने की सर्जरी करनी पड़ी और वसी की उंगलियां कट गईं। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने इस मौत की पुष्टि की है और परिवार को चिकित्सा समन्वय और सहायता प्रदान कर रहा है।
राजदूत विपुल ने 15 अक्टूबर को एक वीडियो संदेश जारी कर नागरिक बुनियादी ढांचे पर हुए इन हमलों की निंदा की और सऊदी सरकार के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने भारतीय नागरिकों से अपील की है कि हवाई खतरों के दौरान वे घरों के अंदर रहें और हमलों के वीडियो बनाने या उन्हें साझा करने से बचें। दूतावास ने इसके लिए 24 घंटे चालू रहने वाली हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 20 अक्टूबर तक रियाद, दम्माम और जेद्दा की उड़ानें निलंबित कर दी हैं। इस वजह से यात्रियों को अब बहरीन, कतर या अन्य रूटों का सहारा लेना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, 15-16 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बहस में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वतीनेनी हरीश ने कहा कि जीसीसी देशों में रह रहे करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा भारत का मुख्य राष्ट्रीय हित है। उन्होंने रियाद एयरपोर्ट हमले और भारत के झंडे वाले जहाज एमवी डीपी वर्ल्ड कावेरी जैसे वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की।
भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित 'सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क' का भी जिक्र किया, ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। ओमान के तट पर हुए हमलों के बाद कुछ भारतीय नाविक अब भी लापता हैं।
इसी बीच, यूएई में भारतीय मिशनों ने वीजा और नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े के खिलाफ चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने नागरिकों को सोशल मीडिया पर सक्रिय फर्जी एजेंसियों से सावधान रहने और किसी भी नौकरी के प्रस्ताव की पुष्टि केवल आधिकारिक दूतावास के माध्यम से करने की सलाह दी है।