रियाद एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 पर 24 घंटे में दूसरा हमला, लगी आग

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 4 को एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। टक्कर से टर्मिनल में आग लग गई। यह रियाद एयरपोर्ट हमला इसलिए और गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इसी हवाई अड्डे पर एक दिन पहले शनिवार को हुए मिसाइल हमले में जान-माल का भारी नुकसान हो चुका है।
शनिवार के हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। मारे गए लोगों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक अमेरिकी नागरिक और मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान के लोग शामिल हैं। शनिवार के हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई।
हमले के बाद क्या हुआ
रविवार के हमले के दौरान सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने सुविधा के पास एक क्रूज़ मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया। फिर भी टर्मिनल पर आग लगने से हालात तेज़ी से बिगड़े। इसके तुरंत बाद नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने एयरपोर्ट पर सभी हवाई संचालन निलंबित कर दिए। सऊदी अधिकारियों ने रविवार से गुरुवार तक स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई पर भेज दिया है।
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने टर्मिनल पर हमले को "पूर्ण रूप से युद्ध अपराध" बताया और इसके लिए हूती विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया। वहीं हूती आंदोलन ने एक बार फिर यात्रियों और एयरलाइन कर्मचारियों को मक्का और मदीना को छोड़कर सभी सऊदी हवाई अड्डों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
दुनिया की प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने कहा कि नागरिक ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने निर्दोष नागरिकों की जान की "खुली अनदेखी" की आलोचना की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने इस हमले को खतरना