सऊदी अरब की राजधानी रियाद में निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने पर लगेगी रोक, आम जनता भी कर सकेगी शिकायत

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। Royal Commission for Riyadh City (RCRC) ने National Center for Environmental Compliance (NCEC) और रियाद नगरपालिका के साथ मिलकर आम जनता से अपील की है कि वे निर्माण स्थलों पर उड़ने वाली अत्यधिक धूल और गंदगी की शिकायत तुरंत दर्ज कराएं। यह पहल इस साल फरवरी 2026 में शुरू किए गए एक विशेष अभियान का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य राजधानी में उड़ने वाली धूल को कम करना और शहर के लोगों को साफ हवा देना है।
कड़ी निगरानी और भारी जुर्माने का प्रावधान
अगस्त 2026 तक अधिकारियों ने इस मामले में निगरानी को बहुत तेज कर दिया है। इससे पहले जुलाई महीने में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, NCEC ने लगभग 557 पर्यावरणीय उल्लंघनों के लिए 16 मिलियन रियाल यानी 1.6 करोड़ से ज्यादा के जुर्माने की घोषणा की थी। नए नियमों के अनुसार 2,000 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले डेवलपर्स के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इन नियमों में एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग डिवाइस लगाना, हर दिन धूल को दबाने वाली दवाओं का छिड़काव करना और साइट से बाहर निकलने वाली गाड़ियों के पहिये धोने की मशीनें लगाना शामिल है। इसके अलावा, जब भी हवा की रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा होगी, तो निर्माण कार्य को तुरंत रोकना होगा।
डेवलपर्स की सामाजिक जिम्मेदारी और निरीक्षण अभियान
NCEC के रियाद शाखा के निदेशक Eng. Fawaz Al-Mujathil ने साफ शब्दों में कहा है कि निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों की यह सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि वे आम जनता की सेहत का पूरा ख्याल रखें। नियमों का पालन करवाने के लिए अब तक अधिकारियों द्वारा 3,000 से ज्यादा निरीक्षण किए जा चुके हैं। जो लोग इन पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन पर प्रति उल्लंघन 50,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही काम रोकने के आदेश और प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह से सस्पेंड भी किया जा सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Saudi Press Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।