रियाद पर हूती हमले लगातार तीसरे दिन जारी, किंग खालिद समेत कई एयरपोर्ट बंद और उड़ानें रद्द

Mohd. Irfan13 October 20263 min read0 viewsSaudi
रियाद पर हूती हमले लगातार तीसरे दिन जारी, किंग खालिद समेत कई एयरपोर्ट बंद और उड़ानें रद्द

रियाद, सऊदी अरब: सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर यमन के हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमले लगातार तीसरे दिन भी जारी हैं। इन हमलों ने रियाद पर हूती हमला को लेकर बढ़ती चिंता के बीच हवाई यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है और पूरे इलाके में तनाव गहरा गया है।

सिलसिले की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को हुई, जब किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (KKIA) पर बड़ा हमला हुआ। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज़्यादा घायल हुए। सऊदी धरती पर एक दशक से भी ज़्यादा समय में यह सबसे घातक घटना मानी जा रही है।

अगले दिन, 11 अक्टूबर को, एयरपोर्ट पर हुए एक और हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की जान चली गई, जबकि 11 अन्य लोग घायल हुए। इसके बाद हवाई अड्डे को बंद रखने का फैसला लिया गया, और उम्मीद है कि यह बंदी कम से कम 17 अक्टूबर तक चलेगी।

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12 और 13 अक्टूबर को क्या हुआ

12 अक्टूबर को हूती विद्रोहियों ने KKIA पर एक नई बैलिस्टिक मिसाइल और खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयर बेस पर ड्रोन हमले का दावा किया। उसी दिन दम्माम के किंग फ़हद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर एक प्रक्षेपास्त्र गिरा। वहीं सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लेने का दावा किया।

13 अक्टूबर तक सऊदी अधिकारी इस बात की जांच कर रहे थे कि हूती बलों ने पहले ड्रोन और फिर क्रूज़ व बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करके हवाई सुरक्षा को कैसे चकमा दिया। इसी दौरान गठबंधन ने खमीस मुशैत की ओर दागी गई दो और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की जानकारी दी।

हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने इस अभियान की ज़िम्मेदारी ली है। उन्होंने मक्का और मदीना के एयरपोर्ट को छोड़कर सऊदी अरब के बाकी सभी एयरपोर्ट को "वैध निशाना" बताया है और यात्रियों से इन इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है।

इन हमलों का असर सिर्फ़ हवाई अड्डों तक सीमित नहीं है। पिछले एक हफ्ते में सऊदी अरब के विभिन्न एयरपोर्ट पर कम से कम 20 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें बांग्लादेश, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन, सूडान, पाकिस्तान, अमेरिका और सऊदी अरब के नागरिक शामिल हैं। आम यात्री, प्रवासी कामगार और परिवार सबसे ज़्यादा परेशान हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतेरेश ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। यूरोपीय संघ की उर्सुला वॉन डेर लेयेन और जर्मनी व ब्रिटेन के नेताओं ने भी इन्हें खतरनाक बढ़ोतरी करार दिया है।

विमानन क्षेत्र पर भी असर साफ दिख रहा है। अमेरिकी संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने अमेरिकी एयरलाइनों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कुवैत एयरवेज़, कतर एयरवेज़, लुफ्थांसा और डेल्टा एयर लाइन्स ने कई उड़ानें या तो निलंबित कर दी हैं या रद्द कर दी हैं।

इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हूती खतरे से निपटने के लिए अमेरिका की और गहरी भागीदारी पर विचार करने के संकेत दिए हैं। हूती समूह ने चेतावनी दी है कि ऐसा हुआ तो क्षेत्र में अमेरिकी हितों पर तुरंत जवाबी कार्रवाई होगी। यानी आने वाले दिन इस संकट की दिशा तय करेंगे, और फिलहाल हजारों यात्री अनिश्चितता में फंसे हुए हैं।

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