रियाद में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए अब तकनीकी मान्यता अनिवार्य: 2027 से लागू होंगे नए नियम

रियाद के शहरी विकास और बुनियादी ढांचे के परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, रियाद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सेंटर (RIPC) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अब रियाद क्षेत्र में किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को पूरा करने वाली सभी संस्थाओं के लिए 1 जनवरी, 2027 से तकनीकी मान्यता (Technical Accreditation) प्राप्त करना अनिवार्य कर दिया गया है।
'उसुल' कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता सुधार का लक्ष्य
यह नई पहल 'उसुल' (Usul) कार्यक्रम के तहत संचालित की जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र में शहरी विकास की गुणवत्ता को मानकीकृत करना और उसमें सुधार लाना है। इस नियम को पूरी तरह से लागू होने में अब कुछ ही समय बचा है, क्योंकि 1 अक्टूबर, 2026 से इन नए नियमों के प्रभावी होने में केवल 90 दिन का समय शेष है।
मान्यता प्राप्त करने के लिए जरूरी मानदंड
सभी ठेकेदारों और संस्थाओं को इस मान्यता को प्राप्त करने के लिए तीन प्रमुख मूल्यांकन मानदंडों के आधार पर कड़े मानकों को पूरा करना होगा। इन मानदंडों का विवरण इस प्रकार है:
- तकनीकी और परिचालन क्षमता (55%): यह मूल्यांकन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो किसी कंपनी की काम करने की क्षमता को दर्शाता है।
- वित्तीय स्थिरता (25%): कंपनी की आर्थिक मजबूती को परखने के लिए यह मानदंड रखा गया है।
- पेशेवर अनुभव (20%): कंपनी ने अपने पिछले प्रोजेक्ट्स में कैसा प्रदर्शन किया है, इसके आधार पर यह स्कोर दिया जाएगा।
ध्यान रहे कि किसी भी संस्था को काम करने की अनुमति तभी मिलेगी जब वह प्रत्येक श्रेणी में निर्धारित न्यूनतम सीमा को सफलतापूर्वक पार कर लेगी।
बेहतर सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मानक
रियाद इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सेंटर का मानना है कि इस कदम से प्रोजेक्ट कार्यान्वयन प्रणाली में दक्षता आएगी। इस नए नियम का उद्देश्य न केवल काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का कड़ाई से पालन करना भी है।
एक एकीकृत मूल्यांकन प्रणाली स्थापित करके, सेंटर यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सभी प्रोजेक्ट्स अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं (International Best Practices) के अनुरूप हों। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों की विश्वसनीयता और ठेकेदारों की तैयारी में भी काफी वृद्धि होने की उम्मीद है।