रियाद और खमीस मुशैत पर हूती हमला नाकाम, सऊदी सेना ने किया सभी ड्रोन-मिसाइल ढेर

Aanya26 September 20262 min read0 viewsSaudi
रियाद और खमीस मुशैत पर हूती हमला नाकाम, सऊदी सेना ने किया सभी ड्रोन-मिसाइल ढेर

सऊदी अरब पर फिर एक बार ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने हमला करने की कोशिश की, जिसे सऊदी सेना ने पूरी तरह से नाकाम कर दिया है. शनिवार, 26 सितंबर, 2026 को यमन से ईरान समर्थित हूती मिलिशिया ने सऊदी राजधानी रियाद और खमीस मुशैत शहर को निशाना बनाते हुए दो ड्रोन और कई बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं. सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन सभी हवाई खतरों को सफलतापूर्वक रोक लिया है और ध्वस्त कर दिया.

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता, मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि गठबंधन की वायु रक्षा प्रणालियों ने आने वाले हवाई खतरों को नष्ट कर दिया. गठबंधन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से इस घटना की पुष्टि की और बताया कि वे शत्रुतापूर्ण गतिविधियों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रहे हैं.

हमले को हूती ने बताया 'छोटा पूर्वाभ्यास'

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हूती के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य, हेज़ाम अल-असद ने दावा किया कि यह हमला एक 'बड़े पैमाने पर वृद्धि के लिए एक छोटा सा पूर्वाभ्यास' था. जवाब में, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव, जासेम मोहम्मद अलबुदाईवी ने इस हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इन हमलों को सऊदी संप्रभुता का घोर उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताया. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से हूती बलों के खिलाफ एक मजबूत रुख अपनाने का भी आह्वान किया.

सुरक्षा अलर्ट जारी और रिकॉर्डिंग पर रोक

इन हमलों को रोकने के बाद, सऊदी नागरिक सुरक्षा ने अभा, खमीस मुशैत और जज़ान के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए. निवासियों को घर के अंदर रहने, शांत रहने और घटनाओं को फिल्माने या तस्वीरें लेने से बचने की सलाह दी गई. सऊदी आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि ऐसे हमलों की फुटेज फिल्माना या साझा करना देशद्रोह का कार्य है, क्योंकि यह दुश्मन को खुफिया जानकारी देता है. इन घटनाओं से पहले, रियाद में सऊदी अधिकारियों और पाकिस्तान तथा तुर्की के सैन्य प्रमुखों के बीच एक बैठक हुई थी, जहाँ सामूहिक प्रतिरोध को मजबूत करने के लिए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की पुष्टि की गई थी. सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने कहा कि किंगडम सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है.

लाल सागर में नाकाबंदी और वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर असर

26 सितंबर के ये हमले जुलाई 2026 में शुरू हुए बड़े पैमाने पर जारी तनाव का हिस्सा हैं, जिसने वर्षों से चले आ रहे युद्धविराम को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया था. तब से, हूतियों ने लाल सागर शिपिंग को प्रभावित करने वाली नौसैनिक नाकाबंदी लागू की है, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता आई है. यह मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है और क्षेत्र की शांति और स्थिरता के लिए खतरा पैदा करता है. सऊदी अरब और उसके सहयोगी देश इन खतरों से निपटने के लिए लगातार सक्रिय हैं और अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं.

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