रियाद मेट्रो में 94 नई ट्रेनें जोड़ने के लिए 5.5 अरब रियाल के ठेके तय

रियाद (सऊदी अरब): रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी (RCRC) ने रियाद मेट्रो के लिए 94 अतिरिक्त ट्रेनें खरीदने के लगभग 5.5 अरब रियाल के ठेके अंतिम रूप से तय कर लिए हैं। इससे नेटवर्क की यात्री क्षमता में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
इस विस्तार के बाद मेट्रो का कुल बेड़ा 183 से बढ़कर 277 यूनिट हो जाएगा। ट्रेनों की डिलीवरी चरणों में 2028 से शुरू होगी। यह योजना एक्सपो 2030 रियाद और 2034 फीफा विश्व कप के दौरान बढ़ती आवाजाही की ज़रूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
जर्मन कंपनी सीमेंस और फ्रांसीसी निर्माता अल्सटॉम को ट्रेनों के निर्माण, ऑनबोर्ड सिस्टम, उपकरण और सेवाओं का काम सौंपा गया है।
छह लाइनों वाले नेटवर्क में क्षमता वृद्धि अलग-अलग रहेगी। रेड लाइन में 142 प्रतिशत, येलो लाइन में 116 प्रतिशत, ब्लू लाइन में 60 प्रतिशत, ऑरेंज लाइन में 27 प्रतिशत और पर्पल लाइन में 16 प्रतिशत बढ़ोतरी का अनुमान है।
रोज़ाना यात्रियों के हिसाब से ब्लू लाइन की क्षमता 3,40,000 से बढ़कर 5,33,000 होगी। रेड लाइन 1,54,000 से बढ़कर 3,70,000 और येलो लाइन 1,33,000 से बढ़कर 2,88,000 से ज़्यादा हो जाएगी।
RCRC के सीईओ इब्राहिम अल-सुल्तान ने बताया कि मेट्रो शुरू होने के बाद से अब तक 300 मिलियन से ज़्यादा यात्री सफर कर चुके हैं। उनके मुताबिक जनवरी से सितंबर 2026 के बीच यात्रियों की संख्या पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत बढ़ी है।
बसों समेत कुल सार्वजनिक परिवहन का उपयोग लगभग 500 मिलियन यात्राओं के करीब पहुंच गया है, जिनमें 20 मिलियन यात्राएं छात्रों की हैं। RCRC के एक सर्वे में 83 प्रतिशत यात्रियों ने बताया कि वे रोज़ मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं।
अल-सुल्तान ने रेड लाइन को किंग सऊद यूनिवर्सिटी से दिरिया तक बढ़ाने की घोषणा भी की। इस हिस्से में पांच नए स्टेशन बनेंगे।
मुख्य और रिंग रोड एक्सिस विकास कार्यक्रम के तहत 700 किलोमीटर सड़कों और 330 चौराहों पर काम चल रहा है। इसमें 300 पुल और 80 सुरंगें शामिल हैं। ताइफ रोड-किदिया लिंक का निर्माण 81 प्रतिशत, दूसरी दक्षिणी रिंग रोड का 45 प्रतिशत और शहर के सस्पेंशन ब्रिज के समानांतर बनने वाले पुलों का 42 प्रतिशत पूरा हो चुका है।
यातायात प्रबंधन के तहत 26 स्थानों पर अतिरिक्त सुधार किए जा रहे हैं और 720 ट्रैफिक सिग्नलों का आधुनिकीकरण हो रहा है। ग्रीन रियाद कार्यक्रम में अब तक 4.5 मिलियन पेड़ लगाए जा चुके हैं।