रियाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय धोखाधड़ी गिरोह का किया पर्दाफाश

क्राइम की दुनिया में अपराधियों के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं, लेकिन कानून के लंबे हाथ अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं। हाल ही में सऊदी अरब की राजधानी से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। Riyadh Police financial fraud के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रियाद पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल नौ संदिग्ध प्रवासियों को गिरफ्तार किया है, जो इस अवैध धंधे में शामिल थे।
विदेश से जुड़ा था अपराध का जाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरफ्तार किए गए लोग किसी साधारण ठगी में शामिल नहीं थे, बल्कि यह एक बड़े आपराधिक गिरोह का हिस्सा थे जो देश के बाहर से अपना नेटवर्क चला रहा था। पकड़े गए आरोपियों में यमन और सूडान के नागरिक शामिल हैं। यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था और भोले-भाले लोगों का डेटा चुराकर उन्हें अपना शिकार बनाता था।
इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
- चुराई गई व्यक्तिगत जानकारी और बैंक डेटा का इस्तेमाल करना।
- विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक स्टोर्स से ऑनलाइन माध्यम से सोना (गोल्ड बुलियन) और महंगे मोबाइल खरीदना।
- खरीदे गए सामान को बेच देना या विदेश भेज देना।
- अवैध चैनलों के जरिए ठगी की रकम को देश से बाहर ट्रांसफर करना।
भारी मात्रा में सामान और नकदी बरामद
रियाद पुलिस ने जब इन आरोपियों के ठिकानों पर छापा मारा, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में अवैध सामान और नकदी जब्त की है। बरामद की गई वस्तुओं में 30 मोबाइल फोन, एक आईपैड, 35 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड और 25,965 रियाल नकद शामिल हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में सोना भी बरामद किया गया है।
प्रारंभिक जांच-पड़ताल से यह भी पता चला है कि इस शातिर आपराधिक नेटवर्क द्वारा किए गए कुल अवैध वित्तीय लेनदेन की रकम 200,000 रियाल से भी अधिक है। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार देश के बाहर किन-किन लोगों से जुड़े हुए थे और इस अवैध कमाई का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। सऊदी प्रशासन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि देश में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या वित्तीय अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।