रियाद रिफाइनरी आग और हॉर्मूज जलडमरूमध्य में तनाव

खाड़ी देशों में सुरक्षा हालात एक बार फिर से बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गए हैं। हाल ही में रियाद के दक्षिण में स्थित एक अरामको फैसिलिटी के पास आग और धुएं के गुबार देखे जाने की खबर सामने आई है। यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने इस ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है, जबकि सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूती दावों को भ्रामक करार दिया है।
इस बीच, समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, शनिवार को ओमान के पूर्व में चार नॉटिकल मील की दूरी पर एक क्रूड ऑयल टैंकर पर हमला हुआ। इसके बाद रविवार को हॉर्मूज जलडमरूमध्य में एक और टैंकर के इंजन रूम को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। शुक्रवार को भी इसी जलमार्ग में एक अन्य हमले की घटना दर्ज की गई थी।
हॉर्मूज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान का रुख
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबफ ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस्लामाबाद मेमोरेंडम में उल्लेखित ईरान की सात शर्तें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हॉर्मूज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। इन शर्तों में अमेरिकी आक्रामकता को रोकना, बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाना और फ्रोजन संपत्तियों को मुक्त करना शामिल है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच तेल की कीमतों पर भी असर देखने को मिला है, जहां शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 102.25 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।
यमन संघर्ष और क्षेत्रीय प्रभाव
यमन के मोर्चे पर भी संघर्ष तेज हो गया है। यमन के सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजेद अब्दुल्ला अल-नाजिली के अनुसार, गठबंधन सेना ने तोर अल-बाहा और ताएज मोर्चे पर कई अभियान चलाए हैं, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। दूसरी ओर, इस बढ़ते तनाव का असर क्षेत्र की विमान सेवाओं पर भी पड़ा है, जिससे उड़ानों के संचालन में बाधाएं आ रही हैं। कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज है, और अमेरिकी अधिकारी इस क्षेत्रीय संकट से निपटने के लिए कूटनीतिक बैठकों में व्यस्त हैं।