बांग्लादेश के रूपपुर परमाणु संयंत्र ने हासिल की क्रिटिकैलिटी, जल्द शुरू होगी बिजली उत्पादन
बांग्लादेश के पहले परमाणु संयंत्र रूपपुर ने क्रिटिकैलिटी हासिल की है। नवंबर के अंत तक ग्रिड में बिजली आने की उम्मीद है।

ढाका (बांग्लादेश): बांग्लादेश के पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र, रूपपुर ने शुक्रवार को क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। बिजली उत्पादन की दिशा में यह एक बेहद अहम कदम माना जा रहा है।
बांग्लादेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री फकीर महबूब अनम ने एएनआई को फोन पर बताया कि रूपपुर परमाणु संयंत्र ने क्रिटिकैलिटी प्राप्त कर ली है, जो बिजली उत्पादन शुरू करने की दिशा में एक मुख्य मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर बिजली उत्पादन शुरू हो सकता है।
अधिकारियों के मुताबिक, रूपपुर परमाणु संयंत्र से बिजली नवंबर के आखिरी हफ्ते तक नेशनल ग्रिड में पहुंचना शुरू हो जाएगी। यह संयंत्र पाबना जिले के ईश्वरदी उपजिला, पक्षी यूनियन के रूपपुर गांव में पद्मा नदी के किनारे बनाया जा रहा है।
इस परियोजना का निर्माण रूस के स्टेट एटॉमिक एनर्जी कॉरपोरेशन (रोसाटॉम) की तकनीकी सहायता से हो रहा है। इसकी देखरेख बांग्लादेश परमाणु ऊर्जा आयोग द्वारा की जा रही है। यहां दो तीसरी पीढ़ी के VVER-1200 रिएक्टर यूनिट लगाए जा रहे हैं, जो मिलकर 2,400 मेगावाट बेसलोड बिजली पैदा करेंगे।
बांग्लादेश ने तब परमाणु युग में कदम रखा जब यूनिट 1 के लिए कम समृद्ध यूरेनियम ईंधन की पहली खेप रूस से सुरक्षित पहुंची। रोसाटॉम के नोवोसिबिर्स्क केमिकल कंसंट्रेट्स प्लांट द्वारा तैयार किए गए 164 ईंधन असेंबली को रूसी कार्गो विमान के जरिए ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लाया गया था।
राजधानी से इन रेडिएशन-शील्डेड कंटेनरों को बांग्लादेश सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सुरक्षा में एक विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' के जरिए ईश्वरदी, पाबना स्थित प्लांट साइट तक पहुंचाया गया था। अक्टूबर 2023 में इसका आधिकारिक हैंडओवर समारोह आयोजित किया गया था।