ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र में रूस की रोसाटम कंपनी बढ़ाएगी कर्मचारियों की संख्या

रूस की रोसाटम कंपनी ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जा रही है ताकि 2027 तक निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सके।

Gautam Sahu28 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र में रूस की रोसाटम कंपनी बढ़ाएगी कर्मचारियों की संख्या

तेहरान: रूस की सरकारी परमाणु कंपनी रोसाटम ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र में अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी का लक्ष्य नवंबर 2026 तक यहां कर्मियों की संख्या को बढ़ाकर 200 करना है, ताकि साल 2027 की शुरुआत में निर्माण कार्यों को फिर से नियमित रूप से शुरू किया जा सके।

फिलहाल इस प्रोजेक्ट साइट पर निर्माण कार्य के लिए 142 कर्मचारी तैनात हैं, जबकि सर्विस ऑपरेशंस के लिए 50 अन्य सदस्य काम कर रहे हैं। रोसाटम के महानिदेशक एलेक्सी लिखाचेव ने बताया कि कंपनी का अंतिम लक्ष्य इस सुविधा में 700 रूसी विशेषज्ञों को तैनात करना है।

लिखाचेव ने यह भी चेतावनी दी कि कर्मचारियों की यह बढ़ोतरी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और हालातों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी अभी एक सकारात्मक नजरिए के साथ काम कर रही है, लेकिन अगर तनाव बढ़ा तो कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की रफ्तार धीमी हो सकती है।

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फरवरी 2026 में ईरान और अमेरिका व इजरायल के गठबंधन के बीच छिड़े संघर्ष के बाद इस प्रोजेक्ट की रफ्तार प्रभावित हुई थी। उस समय रूसी कर्मचारियों को बड़ी संख्या में वहां से निकालना पड़ा था। हालांकि, अगस्त 2026 से इंजीनियरिंग टीमें वापस लौटने लगीं और 11 अक्टूबर 2026 तक 135 तकनीकी विशेषज्ञ वहां पहुंच चुके थे।

मई 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी यूनिट के रिएक्टर का काम 60 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और स्टीम जनरेटर का काम 50 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जरूरी उपकरणों की डिलीवरी साल 2027 से शुरू होने की उम्मीद है।

जुलाई 2026 में बुशहर कॉम्प्लेक्स के पास हुए हमलों और क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद निर्माण कार्य जारी है। यह प्रोजेक्ट रूस और ईरान के बीच हुए एक बड़े सहयोग समझौते का हिस्सा है। दोनों देशों ने आठ अतिरिक्त परमाणु इकाइयों, जिनमें छोटे रिएक्टर भी शामिल हैं, के लिए समझौते किए हैं। ईरान का लक्ष्य 2041 तक अपनी परमाणु क्षमता को 20 गीगावाट तक ले जाना है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) इस साइट की निगरानी कर रही है। हालांकि, जून 2025 और शुरुआती 2026 में हुए सैन्य हमलों के बाद निरीक्षकों को ईरान की विभिन्न सुविधाओं तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।

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