रब अल खाली बॉर्डर से चमका ओमान और सऊदी का व्यापार, साल 2025 में हुआ 1.322 अरब का करोबार.

ओमान और सऊदी अरब के बीच व्यापार को बढ़ावा देने वाला रब अल खाली रेगिस्तानी जमीनी रास्ता अब दोनों देशों के बीच व्यापार का एक बहुत बड़ा जरिया बन गया है। साल 2025 के दौरान इस रास्ते से कुल RO 1.322 बिलियन यानी करीब एक अरब बानवे करोड़ का व्यापार हुआ है। दोनों देशों के बीच उस साल कुल RO 2.475 बिलियन का द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया था, जिसमें ओमान से सऊदी अरब को RO 1.257 बिलियन का निर्यात और सऊदी से ओमान में RO 1.218 बिलियन का आयात शामिल था। आम लोगों और कारोबारियों के लिए यह रास्ता आने-जाने और सामान ढोने के लिहाज से बेहद आसान साबित हो रहा है।
व्यापार में लगातार हो रही है बढ़ोतरी
साल 2026 में भी व्यापार की रफ्तार काफी तेज बनी हुई है और साल के शुरुआती छह महीनों में ही कुल व्यापार RO 1.086 बिलियन तक पहुंच गया है। इस दौरान ओमान से सऊदी अरब को RO 547.6 मिलियन का सामान भेजा गया, जबकि सऊदी से ओमान आने वाला आयात RO 538.6 मिलियन रहा। ओमान में सऊदी अरब के राजदूत इब्राहिम बिन साद बिन बिशान के मुताबिक, रब अल खाली बॉर्डर से होने वाला व्यापार साल 2021 में महज RO 1.051 मिलियन था, जो अब बढ़कर कुल द्विपक्षीय व्यापार का लगभग 58 प्रतिशत हिस्सा बन गया है।
लाखों लोगों ने की इस रास्ते से यात्रा
साल 2021 से लेकर दिसंबर 2025 के अंत तक इस बॉर्डर क्रॉसिंग से कुल 135,902 सऊदी नागरिकों, 640,260 ओमानियों और 744,262 अन्य खाड़ी देशों के नागरिकों, अरब नागरिकों, प्रवासियों और पर्यटकों ने यात्रा की है। यह जमीनी रास्ता ओमान के Oman Vision 2040 और सऊदी के Saudi Vision 2030 का एक मुख्य हिस्सा है। इन दोनों देशों के लक्ष्यों को और आगे बढ़ाने के लिए अगस्त 2026 में सिक्योर ग्रीन लैंड कॉरिडोर की शुरुआत की गई है, जिससे सोहार पोर्ट और सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत के ड्राई-पोर्ट के बीच सामान ले जाया जा सके। ओमान की कंपनी Arkan Logistics और सऊदी की कंपनी SPARK Logistics द्वारा बनाई गई इस योजना से सामान ले जाने में लगने वाले समय में 14 से 18 घंटे की भारी कमी आने की उम्मीद है।
निवेश और आपसी सहयोग के नए रास्ते
दोनों देशों के बीच आर्थिक मामलों की देखरेख Saudi-Omani Coordination Council और Omani-Saudi Business Council करती हैं। साल 2025 तक ओमान में सऊदी का सीधा निवेश RO 72.8 मिलियन था, जबकि सऊदी अरब में ओमान का कुल निवेश RO 115.9 मिलियन तक पहुंच गया है। ओमान के वाणिज्य, उद्योग और निवेश संवर्धन मंत्रालय के अवर सचिव घालिब बिन सईद अल मामारी ने बताया कि अब दोनों देशों के संबंध सीधे तौर पर निजी क्षेत्र को फायदा पहुंचाने वाली योजनाओं पर काम कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग समिति की सातवीं बैठक सयालाह में लगभग 2 सितंबर 2026 को तय की गई थी, जिसमें साल 2026 से 2028 के लिए एक खास कार्यक्रम पर हस्ताक्षर करने और साफ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और बिजली जोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।