रूस और चीन की दोस्ती से बचा Hormuz Crisis का असर, जानिए कैसे रूस ने की चीन की मदद

Aanya4 September 20262 min read36 viewsWorld
रूस और चीन की दोस्ती से बचा Hormuz Crisis का असर, जानिए कैसे रूस ने की चीन की मदद

होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है, लेकिन चीन ने इस संकट से खुद को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी Rosneft के प्रमुख Igor Sechin ने 4 सितंबर 2026 को यह बात कही। उन्होंने बताया कि चीन ने अपनी रणनीतिक तेल रिजर्व और मॉस्को के साथ मजबूत सहयोग के जरिए इस बड़े संकट का सामना बहुत ही आसानी से किया है और इसमें सबसे बड़ा योगदान रूस का रहा है।

रूस और चीन की रणनीतिक साझेदारी

आठवें रूस-चीन ऊर्जा व्यापार मंच के दौरान बोलते हुए इगोर सेचिन ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों की यह साझेदारी वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है। रूस और चीन मिलकर दुनिया के कुल ऊर्जा उत्पादन का एक तिहाई हिस्सा संभालते हैं, जिससे वे अब वैश्विक बाजार के नियामक बन गए हैं। रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी 4 सितंबर 2026 को यह दोहराया कि दोनों देशों का यह सहयोग बेहद गतिशील है और ऊर्जा इस रिश्ते का मुख्य स्तंभ है।

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होर्मुज संकट और व्यापार पर असर

जुलाई की शुरुआत से ही होर्मुज का यह रास्ता कमर्शियल जहाजों के लिए लगभग पूरी तरह बंद चल रहा है। युद्ध के खतरे और महंगे बीमा प्रीमियम के कारण इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या रोजाना औसतन 85 से घटकर 30 अगस्त 2026 को मात्र 6 जहाज प्रतिदिन रह गई थी। इसके बावजूद चीन पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा क्योंकि उसने पहले से ही अपनी तैयारी पुख्ता कर रखी थी। अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, दिसंबर 2025 तक चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रणनीतिक तेल रिजर्व था, और उसने साल 2025 के दौरान रोजाना औसतन 1.1 मिलियन बैरल तेल का भंडार बढ़ाया, जिससे उसके पास कुल लगभग 1.4 बिलियन बैरल तेल का भंडार इकट्ठा हो गया था। आप इसके बारे में अधिक जानकारी U.S. Energy Information Administration की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

घरेलू उत्पादन और बुनियादी ढांचा

चीन के राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में देश का घरेलू कच्चा तेल उत्पादन रिकॉर्ड 216 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया था। इसके अलावा ऊर्जा के बुनियादी ढांचे जैसे ईस्ट साइबेरिया-पैसिफिक ओशन पाइपलाइन सिस्टम और हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों में समय पर किए गए निवेश ने इस स्थिरता को और मजबूत किया। राष्ट्रीय मुद्राओं में लेन-देन और समझौतों का कड़ाई से पालन करने से भी इस संकट के समय दोनों देशों को काफी मदद मिली। एक विशेष रिश्ते के तहत चीन को उत्तरी समुद्री मार्ग तक प्राथमिकता वाली पहुंच भी हासिल है, जिसने इस कठिन समय में उसकी अर्थव्यवस्था को टूटने से बचा लिया।

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