क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने के लिए रूस ने काबुल और इस्लामाबाद के साथ बढ़ाए हाथ और मध्यस्थता की जताई इच्छा

Gautam Sahu16 October 20262 min read0 viewsWorld
क्षेत्रीय विवादों को सुलझाने के लिए रूस ने काबुल और इस्लामाबाद के साथ बढ़ाए हाथ और मध्यस्थता की जताई इच्छा

मॉस्को: रूस ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। रूस ने संकेत दिए हैं कि अगर काबुल और इस्लामाबाद दोनों पक्ष सहमत होते हैं, तो वह इन दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

रूस और तालिबान के बीच संबंध काफी मजबूत हुए हैं। जुलाई 2025 में रूस ने तालिबान को औपचारिक मान्यता दी थी और मई 2026 में दोनों के बीच सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे। विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान सरकार पाकिस्तान के साथ अपने विवादों को सुलझाने के लिए रूसी मध्यस्थता का स्वागत कर सकती है।

हाल ही में रूस के आंतरिक मंत्री व्लादिमीर कोलोकोल्टसेव ने 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक पाकिस्तान का दौरा किया। वहां उन्होंने उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इसहाक डार, आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ बातचीत की। इस दौरान व्यापार, निवेश और सुरक्षा पर चर्चा हुई और संगठित अपराध, ड्रग तस्करी व आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने तथा प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी।

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इसी दौरान रूस की विदेशी खुफिया सेवा के निदेशक सर्गेई नरीश्किन ने 15 अक्टूबर को काबुल में तालिबान खुफिया प्रमुख अब्दुल हक़ वसीक से मुलाकात की। वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मॉस्को में मध्य एशिया और अफगानिस्तान पर केंद्रित एक सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लिया। लावरोव ने तालिबान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ भी बैठक की और ड्रग तस्करी व इस्लामिक स्टेट के खिलाफ उनके प्रयासों की तारीफ की।

इतनी कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद पाकिस्तान और तालिबान के बीच मतभेद बरकरार हैं। हाल ही में मॉस्को फॉर्मेट की एक बैठक आतंकवाद की परिभाषा को लेकर दोनों देशों के बीच गतिरोध के कारण बिना किसी संयुक्त बयान के समाप्त हो गई। पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान ने कहा कि आतंकवाद एक गंभीर सुरक्षा चिंता है, न कि केवल शब्दों का विवाद।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान सीमा पर हिंसा का दौर भी जारी है। यूनामा (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026 के बीच सीमा पर सैन्य घटनाओं में 512 नागरिक मारे गए और 1,236 घायल हुए। रूस के विशेष प्रतिनिधि ज़मीर काबुलोव ने दोनों पक्षों के अनुरोध पर मध्यस्थता की इच्छा जताई है, हालांकि जानकारों का कहना है कि तालिबान के साथ रूस की बढ़ती नजदीकी उसके क्षेत्रीय लक्ष्यों को जटिल बना सकती है।

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