Russia Pakistan Railway Route: रूस और पाकिस्तान के बीच नॉर्थ-साउथ रेल रूट पर ट्रायल शिपमेंट की तैयारी शुरू, जल्द तय होगी तारीख.

रूस और पाकिस्तान के बीच व्यापार को बढ़ावा देने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। दोनों देशों के रेलवे प्रशासन इस रूट पर ट्रायल कार्गो शिपमेंट भेजने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। रूसी ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने यह जानकारी साझा की है कि इस प्रोजेक्ट को लेकर रूट, सामान के प्रकार, टैरिफ और डिलीवरी के समय जैसी जरूरी बातों पर चर्चा चल रही है। इस कदम से दोनों देशों के बीच माल ढुलाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
रूट और ट्रायल शिपमेंट की खास बातें
रूसी ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मुताबिक, रूस और पाकिस्तान के रेलवे अधिकारियों ने इस कॉरिडोर पर ट्रायल शिपमेंट के लिए जरूरी ढांचा तैयार कर लिया है। इस ट्रायल का मुख्य उद्देश्य कॉरिडोर की तैयारी को परखना और अंतर-राज्यीय स्तर पर कार्गो ट्रांसफर तकनीक में सुधार करना है। ट्रायल शिपमेंट की सही तारीख पाकिस्तान और उन सभी ट्रांजिट देशों के साथ बातचीत के बाद तय की जाएगी, जिनके रास्ते से यह ट्रेन और कार्गो गुजरेगा। इस पूरी प्रक्रिया से दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
क्या है इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर
यह पूरा कॉरिडोर सेंट पीटर्सबर्ग से लेकर भारत के मुंबई बंदरगाह तक फैला हुआ है, जिसकी कुल लंबाई 7,200 किलोमीटर है और यह एक मल्टीमॉडल रूट है। इस कॉरिडोर के कुल तीन रूट हैं, जिनमें ट्रांस-कैस्पियन रूट (रेलवे और बंदरगाहों का उपयोग) के साथ-साथ पश्चिमी और पूर्वी जमीन के रास्ते वाले रूट शामिल हैं। मई 2023 में रूस और ईरान ने इस कॉरिडोर के पश्चिमी हिस्से के आखिरी जरूरी रेलवे सेक्शन यानी ईरान के रश्त-अस्तारा सेक्शन को पूरा करने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1.85 अरब डॉलर है, जिसमें से अकेले 1.5 अरब डॉलर की राशि रूस द्वारा दी जा रही है और बाकी की रकम ईरान वहन कर रहा है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।