रूस ने ईरान से मांगी मदद, क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर बचाने के लिए सीखेगा युद्धकालीन तरीके.

Sushma Kumari19 September 20262 min read18 viewsWorld
रूस ने ईरान से मांगी मदद, क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर बचाने के लिए सीखेगा युद्धकालीन तरीके.

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को रूस और ईरान के बीच आपदा प्रबंधन को लेकर एक अहम बैठक हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों देशों ने आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया और रूस ने ईरान के युद्धकालीन आपातकालीन अनुभव से सीखने की इच्छा जताई। रूस के आपात स्थिति मंत्री Alexander Kurenkov ने औपचारिक रूप से ईरान में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने का प्रस्ताव रखा, ताकि यह समझा जा सके कि मुश्किल समय में देश के जरूरी बुनियादी ढांचे की रक्षा कैसे की जाती है।

युद्ध के हालातों में राहत कार्यों का मॉडल

रूसी मंत्री Alexander Kurenkov ने बताया कि हाल के युद्ध जैसे हालातों में ईरान ने जिस तरह से राहत कार्य किए और जनता को जरूरी सेवाएं पहुंचाईं, वह रूस के लिए एक बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के दुश्मन अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और नागरिक इलाकों तथा आवासीय क्षेत्रों पर प्रतिबंधित हथियारों से हमले कर रहे हैं। ऐसे खतरों से निपटने के लिए रूस और ईरान मिलकर अपनी आपदा प्रबंधन टीमों को और मजबूत करेंगे, खासकर बचाव अभियान और अग्निशमन यानी फायर फाइटिंग के क्षेत्र में काम किया जाएगा।

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बातचीत के दौरान रूसी मंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश ईरानी विशेषज्ञों को अपने आपातकालीन मंत्रालय के तहत ट्रेनिंग देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए छोटे समय के ट्रेनिंग कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संगठन के उप प्रमुख Omid Mohtarami ने साफ किया कि तेहरान रूस को हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है। उन्होंने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में लंबे समय तक साथ काम करने के लिए एक औपचारिक फ्रेमवर्क बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसे एक संयुक्त द्विपक्षीय दस्तावेज के रूप में तैयार किया जाएगा।

कई तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों के बीच इस सहयोग के एजेंडे में कई तकनीकी क्षेत्र शामिल हैं। इनमें हवाई अग्निशमन यानी एरियल फायर फाइटिंग, नुकसान का आकलन करने के लिए सैटेलाइट और ड्रोन तस्वीरों का इस्तेमाल करना, और ऊंची इमारतों के लिए सुरक्षा नियमों को बेहतर बनाना मुख्य रूप से शामिल हैं। ये सभी प्रयास संयुक्त राष्ट्र यानी United Nations, शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO, ब्रिक्स यानी BRICS और कैस्पियन सागर के पांच तटीय देशों के बीच पहले से बने आपातकालीन समझौतों को और मजबूत करेंगे।

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