कीव छोड़ने की चेतावनी: रूस के नए हमलों से यूक्रेन में बढ़ा तनाव

यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में रूसी विदेश मंत्रालय ने एक सख्त बयान जारी करते हुए राजधानी कीव और अन्य प्रमुख शहरों में अपने सैन्य अभियानों को और तेज करने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इस स्थिति को देखते हुए, रूस ने विशेष रूप से विदेशी नागरिकों और विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत कीव छोड़ दें।
बुनियादी ढांचे पर मंडराया बड़ा खतरा
रूसी हमलों का असर अब यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर साफ दिखने लगा है। हालिया हवाई हमलों के दौरान कीव में निप्रो नदी पर बने अहम पुलों को भारी नुकसान पहुंचा है। नॉर्दर्न ब्रिज की सड़क और वहां मौजूद बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। जानकारों का मानना है कि सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ ही इस तरह के हमलों से आम जनजीवन और बिजली-पानी की व्यवस्था पर गंभीर संकट आ सकता है।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
मॉस्को का यह लगातार कहना है कि उसकी सेनाएं केवल सैन्य ठिकानों और उनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को ही निशाना बना रही हैं। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि यूक्रेन द्वारा किए जा रहे हमलों का माकूल जवाब दिया जाएगा। दूसरी ओर, यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक बस्तियों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आगे की स्थिति
- राजनयिकों की सुरक्षा: रूसी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि विदेशी राजनयिक या नागरिक इन चेतावनियों को नजरअंदाज करते हैं, तो किसी भी अप्रिय स्थिति की पूरी जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।
- परिवहन और यातायात: महत्वपूर्ण पुलों के क्षतिग्रस्त होने से कीव शहर के भीतर आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
- मानवीय चिंताएं: बढ़ती ठंड के बीच बुनियादी ढांचे पर हो रहे इन हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवीय संकट की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।