रूस की ब्रिटेन को खुली चेतावनी, यूक्रेन युद्ध में हथियार दिए तो बनाएंगे ब्रिटिश सैन्य ठिकानों को निशाना.

Sushma Kumari27 August 20263 min read38 viewsWorld
रूस की ब्रिटेन को खुली चेतावनी, यूक्रेन युद्ध में हथियार दिए तो बनाएंगे ब्रिटिश सैन्य ठिकानों को निशाना.

यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे भीषण युद्ध के बीच मॉस्को ने ब्रिटेन को लेकर एक बहुत बड़ा बयान दिया है। रूस ने साफ शब्दों में कह दिया है कि यदि ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल रूसी जमीन पर हमलों के लिए जारी रहा, तो रूस चुप नहीं बैठेगा। रूस ने चेतावनी दी है कि वह न सिर्फ यूक्रेन बल्कि यूक्रेन के बाहर मौजूद किसी भी ब्रिटिश सैन्य ठिकाने और वहां के उपकरणों को भी निशाना बना सकता है। इस तीखी चेतावनी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।

मारिया जखारोवा ने दी आधिकारिक चेतावनी

मॉस्को में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने यह जानकारी पूरी दुनिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि रूस इस गंभीर मुद्दे पर पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका है। उन्होंने कहा कि रूसी इलाके पर लगातार हो रहे यूक्रेनी हमलों में ब्रिटिश हथियारों का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जवाब में रूस के पास अब यह पूरा अधिकार है कि वह यूक्रेन और उसके बाहर मौजूद किसी भी ब्रिटिश सैन्य ठिकाने या उपकरण को खत्म कर दे। रूसी प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल हो चुका है।

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स्टॉर्म शैडो मिसाइलों का जिक्र

रूसी प्रवक्ता ने यूक्रेन को दी गई स्टॉर्म शैडो लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों को इस पूरी स्थिति में ब्रिटेन की सीधी भागीदारी का मुख्य उदाहरण बताया। उनके अनुसार, ब्रिटेन ने साल 2023 में इन खतरनाक मिसाइलों की पहली खेप यूक्रेन को सौंपी थी। रूस का आरोप है कि ब्रिटेन शुरुआत में इन मिसाइलों के इस्तेमाल से जुड़े सवालों के जवाब देने से लगातार बचता रहा, लेकिन बाद में इनके उपयोग की बातें खुलकर सामने आ गईं। रूस का यह भी दावा है कि इन मिसाइलों का इस्तेमाल अब उस दायरे से बहुत आगे निकल चुका है, जिसकी अनुमति ब्रिटेन ने शुरुआत में दी थी।

डेविड कैमरन के बयान और घरेलू उत्पादन पर आपत्ति

रूस ने ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री डेविड कैमरन के मई 2024 के उस बयान का भी कड़ा विरोध किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल कैसे और कहां करना है, इसका फैसला पूरी तरह से यूक्रेन को ही करना होगा। इसके अलावा, रूस ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि ब्रिटेन अब यूक्रेन को स्कैल्प और स्टॉर्म शैडो मिसाइलों के घरेलू उत्पादन के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी और ब्लूप्रिंट मुहैया कराने की योजना बना रहा है। मॉस्को का कहना है कि ब्रिटिश नेतृत्व की इन योजनाओं से यह संघर्ष और भी ज्यादा गंभीर रूप ले सकता है और इसके परिणाम पूरे यूरोप के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

क्रेमलिन और सर्गेई लावरोव का कड़ा रुख

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने भी ब्रिटेन पर यूक्रेन की तरफ से इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि रूसी सेना उन सभी ठिकानों की पूरी जानकारी इकट्ठा कर रही है जहाँ इन मिसाइलों और अन्य सैन्य उपकरणों का उत्पादन किया जा रहा है। आने वाले समय में ऐसे ठिकानों को रूसी सेना द्वारा निशाना बनाया जा सकता है। वहीं, दूसरी ओर रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी हाल ही में यह चेतावनी दी थी कि मॉस्को यूक्रेन के खिलाफ हमलों में ब्रिटिश मिसाइलों की इस प्रत्यक्ष भूमिका को ब्रिटेन की सीधी जंग मानेगा। हालांकि, इन सब बयानों के बावजूद रूस ने अभी तक किसी भी ब्रिटिश सैन्य ठिकाने पर तुरंत हमला करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

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