क्षेत्रीय युद्ध के बाद पहली बार तेहरान पहुंचे रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, तनाव कम करने के लिए करेंगे अहम बातचीत

तेहरान: रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को तेहरान पहुंचे हैं। क्षेत्रीय युद्ध शुरू होने के बाद यह उनका ईरान का पहला दौरा है। रूसी समाचार एजेंसी तास के मुताबिक, इस यात्रा का मकसद मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संकट को सुलझाने के लिए राजनयिक कोशिशों को आगे बढ़ाना है।
रूस ने इस संकट के लिए अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए अवैध हमलों को जिम्मेदार ठहराया है। लावरोव की मुलाकात ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची से होगी। इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर युद्ध को रोकने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
साल 2026 के दौरान अब तक दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच 14 बार फोन पर बात हुई है और तीन बार आमने-सामने मुलाकातें हो चुकी हैं। तेहरान पहुंचने से पहले लावरोव ने मनामा में अधिकारियों से मुलाकात की थी। वहां पर्शियन गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के सदस्य देशों ने रूस से आग्रह किया कि वह क्षेत्रीय हमलों को रोकने और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पालन सुनिश्चित करने के लिए अपने राजनयिक प्रभाव का इस्तेमाल करे।
बता दें कि 28 फरवरी 2026 को शत्रुता शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों को निशाना बनाकर 7,000 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले किए जा चुके हैं। तेहरान में होने वाली चर्चाओं का केंद्र जनवरी 2025 में हस्ताक्षरित 20 साल का व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौता रहने की उम्मीद है, जिसमें रक्षा, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्र शामिल हैं।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सात दिन के युद्धविराम का प्रस्ताव दोहराया है। हालांकि, यह प्रस्ताव अमेरिका द्वारा नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने की शर्त पर आधारित है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा और ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने पुष्टि की है कि बैठक के एजेंडे में महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे पर बात होगी।