Salalah में होगी ईरान और GCC की अहम बैठक, हॉर्मूज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर होगी चर्चा.

ओमान के शहर Salalah में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को ईरान और खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री नौवहन यानी शिपिंग रूट्स को सुरक्षित बनाना है। ओमान की पहल पर हो रही इस अहम चर्चा में कई बड़े देशों के अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। ओमान के विदेश मंत्री Badr al-Busaidi और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi इस बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक को लेकर आम लोगों और व्यापारियों में भी चर्चा है क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर समुद्री व्यापार और यात्रा पर पड़ सकता है।
बैठक में कौन-कौन हो रहा है शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में GCC के छह सदस्य देशों Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Kuwait, Bahrain और Oman के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। इसके अलावा Iraq के प्रतिनिधि भी इसमें भाग ले रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक Bahrain ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। पिछले कुछ हफ्तों से चल रही द्विपक्षीय बातचीत के बाद ओमान ने इस मीटिंग की रूपरेखा तैयार की थी। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए भी क्षेत्रीय शांति बहुत जरूरी है क्योंकि किसी भी तनाव का असर सीधा कामकाज पर पड़ता है।
समझौते को लेकर असमंजस की स्थिति
इस सम्मेलन के नतीजों को लेकर अलग-अलग तरह के संकेत मिल रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 12 सितंबर को यह बयान दिया था कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले संयुक्त शिपिंग रूट पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके विपरीत, रॉयटर्स से बात करते हुए एक ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस सत्र में स्ट्रेट से गुजरने को लेकर किसी भी औपचारिक समझौते की उम्मीद नहीं है। उन्होंने इस मीटिंग को केवल एक व्यापक क्षेत्रीय बातचीत का मंच बताया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने तेहरान की भागीदारी की पुष्टि की और सुरक्षित नेविगेशन तथा क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
पुराने समझौतों और शुल्कों पर चर्चा
यह बैठक ओमान और ईरान के बीच पहले हुई कुछ शुरुआती वार्ताओं पर आधारित है। इन वार्ताओं में यह प्रस्ताव रखा गया था कि फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाज ईरानी क्षेत्रीय जलमार्ग का उपयोग करें और बाहर निकलने वाले जहाज ओमान के जलमार्ग का उपयोग करें। इसके अलावा, July 2026 में GCC समर्थित स्वैच्छिक पारगमन शुल्क यानी वॉलेंटरी ट्रांजिट फीस की योजना पर भी चर्चा की जा रही है। ईरान का मुख्य उद्देश्य अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकाबंदी को हटाने के लिए दबाव बनाना है। तेहरान ने पहले भी स्ट्रेट का उपयोग करने वाले जहाजों के लिए ट्रांजिट परमिट और सर्विस फीस की मांग की थी, जिस पर ओमान और अन्य GCC सदस्यों ने पहले ऐतराज जताया था।