क्षेत्रीय संघर्षों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा, SAMA गवर्नर ने दी चेतावनी

Mohd. Irfan8 October 20262 min read0 viewsSaudi
क्षेत्रीय संघर्षों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरा, SAMA गवर्नर ने दी चेतावनी

सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA) के गवर्नर आयमन अल-सयारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरे की घंटी बजाई है। इस्तांबुल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए उन्होंने आगाह किया कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष लंबे समय तक खिंचते हैं, तो इसका असर पूरी दुनिया की आर्थिक सेहत पर पड़ेगा। अल-सयारी के अनुसार, ऐसे हालात से न केवल महंगाई बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी होगी और सप्लाई चेन में बड़ी बाधाएं आ सकती हैं।

आंकड़ों की बात करें तो उन्होंने अनुमान लगाया है कि 2026 में वैश्विक आर्थिक विकास दर लगभग 3% रह सकती है, जिसमें पहले भी कई बार कटौती की जा चुकी है। हालांकि, 2027 तक सुधार की उम्मीद जताई गई है। वहीं, वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) के 4.7% तक पहुंचने का अनुमान है, जो 2024 के बाद आई राहत के बाद फिर से चिंता का विषय बन गया है। गवर्नर ने स्पष्ट किया कि सप्लाई साइड में आने वाली रुकावटें एक साथ आर्थिक गतिविधियों को कम कर सकती हैं और कीमतों को बढ़ा सकती हैं, जिससे केंद्रीय बैंकों के लिए काम करना और भी मुश्किल हो जाएगा।

सऊदी अर्थव्यवस्था की मजबूती और विजन 2030

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दुनिया भर में अस्थिरता के बावजूद, अल-सयारी ने सऊदी अर्थव्यवस्था के लचीलेपन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक निवेश और 'विजन 2030' के तहत विविधीकरण के प्रयासों ने सऊदी अरब को सुरक्षित रखा है। उन्होंने विशेष रूप से ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का जिक्र किया, जिसकी क्षमता 58 लाख बैरल प्रतिदिन है। इसके अलावा, क्षेत्रीय भागीदारों के साथ मिलकर बनाए गए अन्य रास्तों से 10 से 20 लाख बैरल प्रतिदिन की अतिरिक्त क्षमता मिलती है।

इन्हीं रणनीतिक संपत्तियों और सऊदी अरामको के वैश्विक तेल भंडारों की वजह से सऊदी अरब, लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधानों के बावजूद अपने तेल निर्यात को जारी रखने में सफल रहा है। हालांकि, तेल क्षेत्र में कमजोरी के कारण 2026 की पहली दो तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में नकारात्मक वृद्धि देखी गई, लेकिन गैर-तेल गतिविधियों में बढ़त जारी रही। पहली तिमाही में इसमें लगभग 2% और दूसरी तिमाही में 1% की वृद्धि दर्ज की गई।

सऊदी अरब में घरेलू मांग अब भी मजबूत है, जिसका मुख्य कारण जनसंख्या वृद्धि और सऊदी नागरिकों के बीच रिकॉर्ड कम बेरोजगारी दर है। अगस्त 2026 के मध्य तक वहां महंगाई दर 1.8% रही, जिसमें ईंधन की कीमतों पर कैप और अमेरिकी डॉलर के साथ सऊदी रियाल के जुड़ाव (peg) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

बैंकिंग क्षेत्र की बात करें तो जून 2026 के SAMA डेटा के मुताबिक, सऊदी बैंक काफी मजबूत स्थिति में हैं। उनका लिक्विडिटी कवरेज रेशियो 170% और कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 20.9% रहा है। साथ ही, किंगडम की A+ सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग का लाभ भी सऊदी बैंकों को मिल रहा है, जिससे वैश्विक वित्तीय अस्थिरता के बीच भी उनका भरोसा बना हुआ है।

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