सना बमबारी: यमन सरकार का ‘ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन’ शुरू

सना (यमन): यमन की राजधानी सना में सोमवार से लगातार भीषण बमबारी की खबरें आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने ‘ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन’ शुरू करने का ऐलान किया है, जिसका मकसद सना को हूती नियंत्रण से मुक्त कराना और वहां राज्य की संस्थाएं फिर से बहाल करना बताया गया है। यह सैन्य अभियान राष्ट्रपति रशद अल-अलीमी और प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने 4-5 अक्टूबर 2026 को घोषित किया था।
हूती विद्रोहियों ने सितंबर 2014 से सना पर कब्ज़ा बनाए रखा है। यमनी सशस्त्र बलों के मीडिया विंग के अनुसार रणनीतिक हमला 5 अक्टूबर से शुरू हुआ, जिसमें सऊदी अरब की अगुवाई वाला गठबंधन समर्थन में है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि शुरुआत में 324 उच्च-मूल्य लक्ष्य और उसके बाद 136 और सैन्य ठिकाने निशाने पर लिए गए।
हमलों की रफ्तार और नुकसान का दावा
9 अक्टूबर तक यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल माजिद अब्दुल्ला अल-नधीब ने कहा कि 2,750 से ज़्यादा हमलों में 1,400 से अधिक हूती लड़ाके बेअसर किए गए और 24 घंटे की अवधि में 250 सैन्य वाहन तबाह हुए। ये आंकड़े सरकारी पक्ष के दावे हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं किया जा सका है।
इस बढ़ते टकराव की कीमत आम लोग भी चुका रहे हैं। 10 अक्टूबर को सना प्रांत के सावान इलाके में एक हवाई हमले में एक बच्चे की मौत हो गई और सात नागरिक घायल हुए। सना अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमलों में दो कर्मचारियों की जान चली गई। हूती संचालित स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पिछले पांच हफ्तों में गठबंधन के हमलों में 91 यमनी मारे गए और 168 घायल हुए, जिनमें 60 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे बताए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक अगस्त से अब तक कम से कम 46 नागरिक मारे गए और 130 से ज़्यादा घायल हुए हैं।
संघर्ष की आंच सीमा पार भी पहुंची है। स्रोत के अनुसार 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमले में 12 लोगों की मौत और 309 के घायल होने की बात कही गई है। 11 अक्टूबर तक एयरपोर्ट बंद रहा और गठबंधन ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी ठिकानों पर हमलों को अल-जौफ, तइज़, हुदैदा, सादा और मारिब में सरकारी कार्रवाइयों का जवाब बताया है। उसी दौर