Sanaa Explosions: सनाका पर हमला और सऊदी अरब में धमाके, क्षेत्रीय तनाव के बीच हालात हुए गंभीर.

Aanya19 September 20262 min read35 viewsSaudi
Sanaa Explosions: सनाका पर हमला और सऊदी अरब में धमाके, क्षेत्रीय तनाव के बीच हालात हुए गंभीर.

यमन की राजधानी Sanaa में 19 सितंबर 2026 को सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 18 सितंबर को यमन की राजधानी के ऊपर ड्रोन देखे गए थे, जिसके बाद हौथी बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एंटी-एकाइ्रफ्ट हथियार तैनात कर दिए थे। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य पूर्व के देशों में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं और आम जनजीवन पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है।

सऊदी अरब के रियाद और यान्बू पर हमला

एक तरफ जहां सनाका में तनाव चरम पर था, वहीं हौथी आंदोलन ने सऊदी अरब के खिलाफ एक बड़े सीमा-पार सैन्य अभियान की जिम्मेदारी ली है। हौथी सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने टेलीग्राम के जरिए जानकारी दी कि यमन की सशस्त्र सेना ने बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोनों का इस्तेमाल करके Riyadh में संवेदनशील ठिकानों और Yanbu स्थित अरामको सुविधाओं को निशाना बनाया है। समूह ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह कार्रवाई 'सऊदी दुश्मन' द्वारा सनाका को निशाना बनाने के प्रयासों का बदला लेने के लिए की गई है।

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रियाद में एयर रेड अलर्ट और धुएं के गुबार

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अधिकारियों द्वारा एयर रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद कई धमाके सुने गए। चश्मदीदों ने बताया कि King Khalid International Airport के पास एक फ्यूल स्टोरेज फैसिलिटी से काले धुएं का बड़ा गुबार उठता हुआ दिखाई दिया। सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी ने रियाद और Al-Kharj शहर के लिए 'हॉस्टाइल एरियल थ्रेट' यानी हवाई खतरे की चेतावनी जारी की थी जिसे बाद में हटा लिया गया। शनिवार शाम तक सऊदी सरकार के मीडिया कार्यालय की ओर से एयरपोर्ट के पास लगी आग को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन की ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक

क्षेत्रीय संघर्ष में तेजी आते देख सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी आक्रामक रुख अपनाया। गठबंधन ने 19 सितंबर 2026 को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर यमन भर में हौथी ठिकानों पर कुल 26 airstrikes को अंजाम दिया। इस सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्रीय शत्रुता को और अधिक तीव्र कर दिया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से निपटा जा सके।

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