सऊदी अरब पर बड़ा हमला, मक्का को निशाना बना रहे हूथी ड्रोन को हवा में ही किया तबाह.

मंगलवार, 15 सितंबर 2026 की शाम को सऊदी अरब की एयर डिफेंस फोर्स ने एक बड़ा खतरा टाल दिया। मक्का शहर के दक्षिण हिस्से में एक हूथी ड्रोन को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, ताकि वह शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में दाखिल न हो सके। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। सऊदी अरब में रहने वाले प्रवासियों और भारत से वहां जाने वाले लोगों के लिए भी यह खबर चिंता बढ़ाने वाली है, क्योंकि इस तरह के हमलों से क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ता है।
मक्का की सुरक्षा सबसे बड़ी लाल रेखा
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने साफ शब्दों में कहा है कि दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा हमारे लिए एक सख्त लाल रेखा है। इस घटना में गनीमत यह रही कि कोई भी हताहत नहीं हुआ, क्योंकि ड्रोन का मलबा शहर के दक्षिण में खाली जगह पर गिरा। यह दूसरी बार है जब हूथी विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने की कोशिश की है। इससे पहले जुलाई 2017 में भी एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी जिसे हवा में नाकाम कर दिया गया था। मंगलवार की सुबह ही सऊदी प्रशासन ने मक्का, जेद्दा और तائف के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया था। पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रहे हमलों की वजह से Khamis Mushait, Abha और Taif में घरों को नुकसान पहुंचा है और 13 नागरिक घायल भी हुए हैं।
ईरान की भूमिका और राजनीतिक बयानबाजी
दूसरी तरफ, हूथी राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फराह ने मक्का को निशाना बनाने की बात से साफ इनकार किया है और इन आरोपों को झूठ बताया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे सीधे तौर पर ईरान का हाथ है। उनका कहना है कि IRGC द्वारा प्रशिक्षित लड़ाकों ने हाल ही में यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य पर कब्जा किया है, जो इस तरह की हरकतों को अंजाम दे रहे हैं। इस सुरक्षा संकट के बीच पिछले शुक्रवार को यान्बू के पास ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर भी ड्रोन से हमला किया गया था, जिसके बाद ऐहतियात के तौर पर पाइपलाइन को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने जानकारी दी है कि इस पाइपलाइन को अगले कुछ दिनों में फिर से चालू कर दिया जाएगा।
ऊर्जा बाजार और ओमान की बैठक पर असर
इस ताजा तनाव के बाद ओमान में होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर होने वाली योजनाबद्ध बातचीत को फिलहाल टाल दिया गया है। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने पवित्र स्थल की पवित्रता के उल्लंघन की कड़ी निंदा की है। इस पूरे घटनाक्रम के जवाब में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने हूथी नियंत्रित यमन के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इन लगातार हमलों और क्षेत्रीय शिपिंग लेन पर मंडराते खतरों की वजह से विस्थापितों की संख्या में इजाफा हो रहा है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।