Saudi Arabia पर बड़ा हमला, तائف और यानबु के ऊपर हवा में नष्ट की गई छह मिसाइलें.

गुरुवार, 24 September 2026 को सऊदी अरब की रक्षा प्रणाली ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम कर दिया। ये मिसाइलें तािफ शहर और लाल सागर के तेल बंदरगाह यानबु को निशाना बनाकर दागी गई थीं। इस अचानक हुई घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे पहले रखा जा रहा है। सऊदी अधिकारियों ने राजधानी रियाद में किसी भी नुकसान की पुष्टि नहीं की है, हालांकि हूती विद्रोहियों ने बड़े दावे किए थे।
प्रवासियों के लिए जारी किए गए इमरजेंसी अलर्ट
इस हमले की कोशिश के बाद जेद्दा, मक्का, तबूक और जाज़ान जैसे बड़े शहरों में रहने वाले नागरिकों और प्रवासियों के लिए इमरजेंसी अलर्ट जारी किए गए। इन शहरों में भारत, पाकिस्तान और फिलीपींस के लाखों प्रवासी काम करते हैं और रहते हैं। गनीमत यह रही कि सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम की मुस्तैदी के कारण किसी भी आम नागरिक के हताहत होने या मौत की कोई खबर सामने नहीं आई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने मिसाइलों को रोके जाने की पुष्टि की और चेतावनी दी कि हूती मिलिशिया की ऐसी हरकतों का कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं, कतर सरकार और जीसीसी महासचिव जासेम मोहम्मद अलबुदैवी ने 25 सितंबर को इन हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया। कतर ने साफ किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी की सामूहिक सुरक्षा से जुड़ी हुई है।
यमन में मानवीय संकट और क्षेत्रीय तनाव
संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, यमन में हालिया लड़ाई के कारण 700 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा करीब 130,000 लोग अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं, जिनमें से 3,000 से ज्यादा लोग नावों के जरिए अफ्रीका भागने को विवश हुए हैं। दूसरी तरफ सरकारी बलों ने हेजत अल-अब्द पहाड़ी सड़क पर हूती हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है, जो आदेन और तािज़ के बीच एक मुख्य सप्लाई रूट है।