सऊदी अरब पर बड़ा हमला, एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कीं 6 मिसाइलें.

Nura Basta25 September 20263 min read43 viewsSaudi
सऊदी अरब पर बड़ा हमला, एयर डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कीं 6 मिसाइलें.

सऊदी अरब की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ देश की एयर डिफेंस ने बड़ी कार्रवाई की है। ईरान समर्थित हूथी लड़ाकों ने सऊदी अरब के कई अहम शहरों को निशाना बनाते हुए एक साथ कई खतरनाक मिसाइलें दाग दीं। गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच हुई इस घटना से आम नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है। सऊदी प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह से संभालते हुए अपनी ताकत का परिचय दिया है और देश की सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं बरती जा रही है।

ताइफ और यान्बु शहर को बनाया गया था निशाना

सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को ईरान समर्थित हूथी फोर्सेस की तरफ से कुल 6 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। इन मिसाइलों का मुख्य निशाना ताइफ शहर और लाल सागर के पास स्थित महत्वपूर्ण तेल केंद्र यान्बु को बनाया गया था। सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सतर्कता दिखाते हुए इन सभी छह मिसाइलों को हवा में ही सफलता पूर्वक रोक लिया और उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। हालांकि हमले नाकाम कर दिए गए, लेकिन इस दौरान मक्का, जेद्दा और तबुक जैसे बड़े शहरों में चेतावनी वाले सायरन बज उठे जिससे लोगों में अफरातफरी मच गई।

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सऊदी सरकार ने खारिज किए हूथी दावे

एक तरफ जहां हूथी विद्रोहियों की तरफ से यह दावा किया गया कि उन्होंने रियाद और अरामको की तेल सुविधाओं पर संवेदनशील ठिकानों को सफलतापूर्वक हिट किया है, वहीं दूसरी तरफ सऊदी सरकार ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सऊदी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी मिसाइलों को समय रहते हवा में ही मार गिराया गया था और किसी भी मुख्य संवेदनशील ठिकाने को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। इसके अलावा, हूथी प्रवक्ता यह्या सारी ने यह भी दावा किया कि उनके द्वारा जazan की तरफ दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन दागे गए हैं, जिनमें सैन्य कमांड रूम और कैंप शामिल हैं, हालांकि रियाद ने इन हमलों की पुष्टि अभी तक नहीं की है।

ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और क्षेत्रीय तनाव

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ समय पहले इराक से आए ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब की महत्वपूर्ण आपातकालीन क्रूड पाइपलाइन यानी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन ने हाल ही में दोबारा काम करना शुरू किया था। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र यानी UN के आंकड़ों के अनुसार इस पूरे क्षेत्रीय संघर्ष और तनाव की वजह से अब तक 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 1.30 लाख लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं। इसके अलावा 3 हजार से अधिक लोग जान बचाने के लिए नावों के जरिए लाल सागर पार करके अफ्रीका की तरफ भागने को मजबूर हुए हैं।

कूटनीतिक प्रयास और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस बीच कतर, ओमान, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात समेत कई खाड़ी देश संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस संघर्ष को रोकने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। न्यूयॉर्क में अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने को लेकर भी बातचीत की खबरें सामने आ रही हैं, जिसके बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलकी ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए हूथी मिलिशिया को आतंकवादी करार दिया है और कहा है कि इस तरह की हरकतों का मुंहतोड़ और कड़ा जवाब दिया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ हूथी आंदोलन का कहना है कि उनके द्वारा किए जा रहे ये हमले सऊदी हवाई हमलों के जवाब में एक जवाबी कार्रवाई हैं। आने वाले 48 घंटों में न्यूयॉर्क में होने वाली बैठकों और वार्ताओं पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं ताकि इस बढ़ते तनाव को किसी तरह से रोका जा सके।

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