Saudi Arabia reports airport strikes as Yemen conflict escalates and maritime tensions rise

सऊदी अरब हवाईअड्डे हमला और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोमवार शाम को सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन सामान्य प्राधिकरण ने पुष्टि की कि जाज़ान स्थित किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नज़रान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रोजेक्टाइल हमले हुए हैं। इन हमलों में तीन लोग घायल हुए हैं और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुँचा है।
दूसरी ओर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने दावा किया है कि उनके ड्रोन्स और मिसाइलों ने रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, रबीघ में स्थित अरामको रिफाइनरी, अब्हा एयरपोर्ट और खामिस मुशैत एयर बेस सहित असिर, नज़रान और जाज़ान के कई इलाकों को निशाना बनाया है। हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने अभी तक रियाद एयरपोर्ट और रबीघ रिफाइनरी पर हुए हमलों की पुष्टि नहीं की है। हूतियों का कहना है कि यह कार्रवाई पिछले 24 घंटों में सना, ताइज़ और सादा जैसे इलाकों में सऊदी अरब द्वारा किए गए करीब 60 हमलों का जवाब है।
युद्ध के मैदान में बढ़ी हलचल और समुद्री तनाव
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए 100 उड़ानें भरीं, जिनमें सना और सादा में हथियारों के डिपो, नौसैनिक माइन्स और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट किया गया। इसी बीच, यमनी सरकार ने 'यमन डॉन' नामक एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य हूती तख्तापलट को खत्म कर अपने क्षेत्रों को वापस पाना है। सऊदी समर्थित बलों ने दावा किया है कि उन्होंने मोखा बंदरगाह पर कब्जा कर लिया है, हालांकि हूती अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया है।
सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा कदम उठाते हुए सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने घोषणा की है कि सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के 'मक्का एलायंस फॉर डिफेंस' ने सामूहिक निवारण (Collective Deterrence) को सक्रिय करने पर सहमति जताई है, जिसके तहत तुर्की और पाकिस्तान अपनी सेनाएं तैनात कर सकते हैं।
इस बीच, समुद्री क्षेत्र से एक चिंताजनक खबर आई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ओमान के तट पर हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में पनामा ध्वज वाले जहाज 'MT On Peace' पर हमला हुआ। इस जहाज पर सवार 19 चालक दल के सदस्यों में से 17 भारतीय थे। हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें से 11 भारतीय नागरिक हैं। घायलों को इलाज के लिए ओमान के खसब शहर भेजा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच वैश्विक तेल बाजार में भी अस्थिरता देखी जा रही है। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअज़ीज़ बिन सलमान ने भरोसा दिलाया है कि ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन चालू है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर इसका असर पड़ सकता है। तनाव कम करने के लिए कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने ईरान के आंतरिक मंत्री एस्कंदर मोमेनी के साथ मुलाकात की है।