सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती हमला, जवाब में गठबंधन ने यमन में छेड़ा बड़ा सैन्य अभियान

Nura Basta6 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हूती हमला, जवाब में गठबंधन ने यमन में छेड़ा बड़ा सैन्य अभियान

मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 5 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाज़ान स्थित किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नज़रान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए। इन हमलों में तीन लोग मामूली रूप से घायल हुए और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने इन घटनाओं की पुष्टि की है। वहीं, हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने अब्हा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जिज़ान में सऊदी सेना पर बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का दावा किया है।

इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने कड़ा रुख अपनाया है। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' को सक्रिय कर दिया है, ताकि सैन्य क्षमताओं को तेजी से तैनात किया जा सके। जीसीसी महासचिव जसीम अल-बुदईवी ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे एक खतरनाक वृद्धि बताया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी इस संकट के बीच सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है।

'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' और जमीनी जंग

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हूती हमलों का जवाब देने के लिए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 5 अक्टूबर को ही 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' शुरू कर दिया। इस बड़े सैन्य अभियान के तहत 100 जेट विमानों को तैनात किया गया, जिन्होंने हूती विद्रोहियों के 324 महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया। इसके साथ ही गठबंधन की नौसेना ने होदेइदा में हथियारों के डिपो और विस्फोटक नावों के निर्माण केंद्रों को पूरी तरह तबाह कर दिया।

जमीनी मोर्चे पर दावों और प्रतिदावों का दौर जारी है। यमन सरकार के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने रणनीतिक बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा किया है, जिससे दुनिया के 12% शिपिंग ट्रैफिक का संचालन होता है। सरकार ने धुबाब जिले और मोखा को वापस पाने की बात कही है, हालांकि हूती अधिकारियों ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। याह्या सारी का कहना है कि लाल सागर तट पर उनकी पकड़ मजबूत है और उन्होंने ताइज़ की घेराबंदी जारी रखी है।

इस भीषण युद्ध का सबसे बुरा असर आम जनता पर पड़ रहा है। मानवीय स्थिति अत्यंत गंभीर हो चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 अगस्त से 3 अक्टूबर 2026 के बीच करीब 1,80,000 लोग विस्थापित हुए हैं। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने सना में दो और हज्जाह में छह लोगों की मौत की खबर दी है, जिससे क्षेत्र में मानवीय संकट और गहरा गया है।

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