सऊदी युद्धक विमानों के उत्तरी यमन में हवाई हमले

यमन में एक बार फिर से सैन्य गतिविधियों और हवाई हमलों के तेज होने की खबरें सामने आ रही हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी युद्धक विमानों ने यमन के उत्तरी हिस्सों में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस संघर्ष के बढ़ने से स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं तथा क्षेत्र की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।
किन क्षेत्रों को बनाया गया निशाना?
स्थानीय और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इन हवाई हमलों का दायरा काफी व्यापक था। हमलों की चपेट में आने वाले प्रमुख क्षेत्रों में:
- यमन की राजधानी सना
- सादा प्रांत के विभिन्न जिले
- ताइज और अमरान क्षेत्र
सादा प्रांत में संचार बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण जिलों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, ताइज और आसपास के इलाकों में भी सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की खबरें हैं।
दोनों पक्षों की ओर से दावे और जवाबी कार्रवाई
संघर्ष में शामिल विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार बयान और जवाबी हमले सामने आ रहे हैं:
- सैन्य कार्रवाई: यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, उनके बलों ने भी हौथी ठिकानों को ध्यान में रखकर कई हमले किए, जिसमें हथियार भंडारों और कमांड सेंटर को नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
- हौथी प्रतिक्रिया: रिपोर्ट्स के अनुसार, हौथी बलों ने भी मिसाइल और ड्रोन के जरिए जवाबी कार्रवाई करते हुए अदन में सऊदी नीत गठबंधन के मुख्यालय को निशाना बनाया।
- गठबंधन का पक्ष: सऊदी नीत गठबंधन के प्रवक्ता ने खमीस मुशायत और जाजान की तरफ दागे गए कई ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नाकाम करने की घोषणा की। साथ ही, मदीना के पास एक पावर स्टेशन पर हुए हमले का आरोप भी लगाया गया, जिसे हौथी अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया है।
बढ़ता मानवीय संकट और सुरक्षा चिंताएं
वर्ष 2022 में संयुक्त राष्ट्र के मध्यस्थता वाले युद्धविराम के समाप्त होने के बाद से यह हिंसा में एक बड़ा उछाल माना जा रहा है। जुलाई से शुरू हुए ताजा विवादों के कारण एक बार फिर यमन का आसमान और जमीन जंग का मैदान बन गए हैं। इस निरंतर संघर्ष के चलते बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापित होने का सिलसिला जारी है, वहीं लाल सागर में समुद्री सुरक्षा को लेकर भी गंभीर जोखिम पैदा हो गए हैं।