सऊदी अरब और सहयोगियों ने हूती हमलों का मुकाबला तेज किया और मिसाइल लॉन्चर तबाह किए
सऊदी अरब और उसके सहयोगियों ने रियाद और अन्य शहरों पर हूती हमलों को नाकाम किया। हवाई सेवाओं पर असर और मानवीय संकट गहराया।

रियाद: सऊदी अरब और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा बढ़ाए गए हमलों को रोकने के लिए अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। 26 अक्टूबर 2026 को सऊदी सेना ने रियाद की ओर आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया। इसी दौरान सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सना में हूती विद्रोहियों के दो मिसाइल लॉन्चरों को भी तबाह कर दिया।
इससे पहले 25 अक्टूबर को दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को गठबंधन ने नाकाम किया था। इन मिसाइलों के मलबे गिरने से खमीस मुशायत और अहद रफिदा में संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इस घटना में एक सऊदी नागरिक और एक एशियाई प्रवासी घायल हो गए।
ईरान समर्थित हूती समूह ने 25 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट, खमीस मुशायत के एक एयर बेस और जazan के एक नौसैनिक बेस को निशाना बनाने का दावा किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने रियाद एयरपोर्ट को सैन्य लक्ष्य बताया है और यात्रियों व एयरलाइनों को चेतावनी दी है।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए एक हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस तनाव के कारण 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच एयरपोर्ट की लगभग 86 प्रतिशत निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गईं। सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट्स से होने वाली कुल प्रस्थान उड़ानों में से 45 प्रतिशत को रोका गया।
हालांकि 25 अक्टूबर से घरेलू उड़ानें फिर से शुरू हो गई हैं, लेकिन कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने नवंबर तक अपनी सेवाएं निलंबित रखी हैं। डेल्टा एयर लाइन्स ने अपना प्रस्तावित रूट लॉन्च 2027 तक के लिए टाल दिया है।
4 अक्टूबर को सना को वापस लेने के लिए प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल द्वारा 'डॉन ऑफ यमन' ऑपरेशन शुरू किए जाने के बाद से संघर्ष और बढ़ गया है। इस सैन्य कार्रवाई ने 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम को खत्म कर दिया है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम ने 14 अक्टूबर को बताया कि पहुंच प्रतिबंधों की वजह से, खासकर तइज़ में, 8 लाख लोगों तक पहुंचने वाली जीवन रक्षक सहायता रुक गई है। इसके अलावा, सितंबर की शुरुआत से अब तक 1 लाख 10 हजार बच्चों सहित 2.5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा के लिए 26 अक्टूबर को मक्का डिफेंस अलायंस, जिसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की शामिल हैं, के वरिष्ठ अधिकारियों ने तेहरान में ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात की। वहीं, यमन की विदेश मंत्री अफ़राह अल-ज़ौबा ने शांति के लिए पांच शर्तें रखी हैं, जिनमें हूती हथियारों का समर्पण और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 का पालन शामिल है।
15 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक राष्ट्रपति वक्तव्य जारी कर हूती सैन्य वृद्धि की निंदा की और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की।