Saudi Arabia पर ड्रोन और मिसाइल हमला, सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में तबाह किए खतरनाक हथियार.

Sushma Kumari26 September 20262 min read9 viewsSaudi
Saudi Arabia पर ड्रोन और मिसाइल हमला, सऊदी एयर डिफेंस ने हवा में तबाह किए खतरनाक हथियार.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद और खमीस मुशायट पर शनिवार सुबह बड़ा हमला करने की कोशिश की गई, जिसे देश की एयर डिफेंस फोर्स ने पूरी तरह नाकाम कर दिया। Saudi-led coalition के प्रवक्ता Colonel Turki Al-Maliki ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी दी कि गठबंधन की सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही दो ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलताaपूर्वक नष्ट कर दिया। इस अचानक हुए हमले के बाद से स्थानीय लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।

नागरिक सुरक्षा और चेतावनी

हमले से ठीक पहले सिविल डिफेंस अथॉरिटी ने Abha और Khamis Mushait के इलाकों में लोगों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिया था ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। हूती राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य Hezam Alasad ने इस हमले को एक बड़े पैमाने पर होने वाले संघर्ष का छोटा सा अभ्यास बताया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा सऊदी शहरों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करने के तुरंत बाद यह घटना घटी है। इसके अलावा, सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती Sheikh Saleh bin Fawzan Al-Fawzan ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात सैनिकों से मुलाकात की और कहा कि देश की रक्षा करना एक पवित्र कर्तव्य है, जिसके लिए जान और प्राण तक की बाजी लगानी पड़ सकती है।

आर्थिक असर और क्षेत्रीय सुरक्षा

जुलाई के महीने से ही खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है, क्योंकि हूतियों ने सऊदी जहाजरानी पर नौसैनिक नाकेबंदी की घोषणा कर दी है और यम के लाल सागर तट के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है। इन हमलों का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है, जहां Brent crude तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में पाबंदियों के कारण अब सऊदी तेल निर्यात को पूरी तरह लाल सागर के रास्तों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए हाल ही में प्रिंस Khalid bin Salman ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir से मुलाकात की थी ताकि आपसी सहयोग और सुरक्षा प्रतिक्रिया पर चर्चा की जा सके। वहीं, पाकिस्तान और तुर्किये मिलकर एक नए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते की समीक्षा भी कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर की शुरुआत से लेकर अब तक इस संघर्ष की वजह से लगभग 125,000 लोग अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं, जिनमें 70,000 छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जो साल 2022 के समझौते के बाद से विस्थापन का सबसे बड़ा संकट माना जा रहा है।

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