Saudi Arabia Air Quality: सऊदी अरब में हवा हुई खराब, NCEC ने नियमों का उल्लंघन करने पर ठोका 2 करोड़ का जुर्माना.

Aanya7 September 20263 min read29 viewsSaudi
Saudi Arabia Air Quality: सऊदी अरब में हवा हुई खराब, NCEC ने नियमों का उल्लंघन करने पर ठोका 2 करोड़ का जुर्माना.

सऊदी अरब में हवा की गुणवत्ता को लेकर ताजा आंकड़े सामने आए हैं, जो लोगों की सेहत के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। 7 सितंबर 2026 को देश के अलग-अलग हिस्सों में हवा का हाल मिला-जुला देखा गया, जहां कुछ शहरों में स्थिति ठीक है तो वहीं कई बड़े शहरों में हवा काफी दूषित हो चुकी है। नेशनल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल कम्प्लायंस यानी NCEC ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अपनी निगरानी बहुत तेज कर दी है और नियमों का पालन न करने वाले प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अलग-अलग शहरों में हवा का हाल

Akhbar24 की रिपोर्ट के मुताबिक, हवा में धूल, धुआं और अन्य बारीक कण यानी पार्टिकुलेट मैटर हवा खराब होने की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं। देश के कुछ इलाकों में स्थिति संतोषजनक है, जैसे कुरय्यात शहर में AQI 48 दर्ज किया गया जिसे अच्छा माना जाता है। वहीं ताफ में AQI 53, अरार में AQI 57, नजरान में AQI 70 और हेल में AQI 77 के साथ हवा मध्यम श्रेणी में दर्ज की गई। आम लोग इन शहरों में सामान्य रूप से अपनी दैनिक गतिविधियां कर रहे हैं, लेकिन बच्चों और बुजुर्गों को थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

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रियाद और अन्य शहरों में गंभीर स्थिति

दूसरी तरफ, राजधानी रियाद समेत कई बड़े शहरी इलाकों में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। रियाद में हवा को अस्वस्थ यानी अनहेल्दी श्रेणी में रखा गया है, जहां AQI 175 तक पहुंच गया है। यहां हवा में PM2.5 की मात्रा 89.2 µg/m³ और PM10 का स्तर 633.3 µg/m³ रिकॉर्ड किया गया है। मौसम से जुड़ी जानकारी देने वाली संस्था AccuWeather ने भी रियाद का AQI 167 रिकॉर्ड किया है और आने वाले दिनों में इसके बढ़कर 239 तक पहुंचने की आशंका जताई है। इसके अलावा अल खारीज, तबूक, अज जुल्फी, साकाका और खोबर जैसे शहरों में भी हवा में जहरीले कणों और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई है।

NCEC की कड़ी कार्रवाई और भारी जुर्माना

बढ़ते प्रदूषण और बिगड़ते पर्यावरण को सुधारने के लिए नेशनल सेंटर फॉर एनवायरनमेंटल कम्प्लायंस ने रियाद के निर्माण स्थलों पर चेकिंग अभियान बहुत तेज कर दिया है। NCEC के रियाद ब्रांच के डायरेक्टर फवाज अल-मुजथिल ने इस बात की पुष्टि की है कि अधिकारियों ने पर्यावरण नियमों का पालन न करने वाले प्रोजेक्ट्स पर कुल 20 मिलियन रियाल यानी 2 करोड़ रियाल का जुर्माना लगाया है। यह निरीक्षण कार्य रॉयल कमीशन फॉर रियाद सिटी और रियाद म्योरल्टी के साथ मिलकर किया जा रहा है। इस काम के लिए कुल 12 फिक्स और 4 मोबाइल स्टेशनों के नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो हवा के कुल 22 प्रदूषण घटकों पर बारीक नजर रखते हैं। ये मशीनें दिरियाह गेट और अल-मुबब्बा जैसे बड़े विकास कार्यों वाले इलाकों के पास लगाई गई हैं ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।

वैश्विक स्तर पर जंगलों की आग का असर

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हवा की गुणवत्ता पर बड़ा असर पड़ रहा है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन यानी WMO ने 7 सितंबर को चेतावनी जारी करते हुए बताया कि ग्रीस के कोनित्सा जैसे इलाकों में लगी भयानक जंगलों की आग की वजह से हवा की जहरीलापन काफी ज्यादा बढ़ गया है। WMO ने साफ कहा है कि हवा में मौजूद PM2.5 के बारीक कण इंसानी सेहत के लिए बहुत खतरनाक साबित हो रहे हैं। संगठन ने सभी देशों से अपील की है कि वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए मिलकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों की जिंदगी को बचाया जा सके।

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