Saudi Arabia पर बड़ा हमला, किंग खालिद एयरबेस को बनाया गया निशाना

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और हाल ही में यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खमीस मुशायत स्थित King Khalid Air Base पर एक बड़ा हमला कर दिया है। इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया, जिससे इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने सोमवार को यह दावा किया कि दर्जनों मिसाइलों और ड्रोनों ने इस सैन्य अड्डे के hangars, radars, runways और ammunition dumps को सटीक रूप से निशाना बनाया है। यह एयरबेस यमन में सऊदी F-15 और Typhoon विमानों के संचालन का मुख्य केंद्र माना जाता है। विद्रोही समूह ने इस कार्रवाई को पिछले पांच दिनों के दौरान हुए 300 से अधिक सऊदी हवाई हमलों का बदला बताया है। सऊदी सिविल डिफेंस अधिकारियों ने खमीस मुशायत और आभा के लिए तुरंत अलर्ट जारी किए और बाद में खतरे के टल जाने की घोषणा की, हालांकि रियाद ने निवासियों द्वारा बताए गए भारी धमाकों और आग की घटनाओं के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सऊदी तेल ढांचे पर गंभीर दबाव और पाइपलाइन बंद
इस हवाई हमले के अलावा सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे पर भी भारी दबाव देखा जा रहा है। इराक से लॉन्च किए गए ड्रोन हमले के बाद East-West pipeline को बंद करना पड़ा है, जिसकी जांच की जा रही है और बगदाद में एक प्रांतीय कमांडर को भी बर्खास्त कर दिया गया है। तेल व्यापारियों ने यह चेतावनी दी है कि यदि यह पाइपलाइन चालू नहीं हुई, तो यान्बु (Yanbu) में तेल का स्टॉक अगले पांच से सात दिनों के भीतर खत्म हो सकता है और इसकी मरम्मत में कई हफ्ते लग सकते हैं। इस घटना के कारण सोमवार को ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतों में 3 percent से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पाइपलाइन के अलावा हूती विद्रोहियों ने हाल ही में बाब अल-मदब (Bab al-Mandab) जलडमरूमध्य में मोचा बंदरगाह और पेरीम द्वीप पर भी कब्जा कर लिया है, जिससे हॉर्मूज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के बाद महत्वपूर्ण समुद्री टैंकर रूट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
राजनयिक प्रयास ठप और ओमान में बैठक स्थगित
इस पूरे संकट को सुलझाने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयास फिलहाल रुक गए हैं। ओमान के विदेश मंत्री Badr Albusaidi ने ईरान और खाड़ी देशों के अधिकारियों के बीच ओमान में होने वाली एक नियोजित बैठक को स्थगित कर दिया है। इससे पहले बहरीन ने इस बैठक में शामिल होने से मना कर दिया था और सऊदी अरब ने भी इसमें देरी का अनुरोध किया था। ईरान, जो यमन युद्ध को निर्देशित करने से इनकार करता है, ने उन 77 ships की सूची जारी की है जिनके बारे में उसका दावा है कि उन्होंने हॉर्मूज जलडमरूमध्य में उसके नियमों का उल्लंघन किया है। तेहरान का यह कहना है कि यह जलमार्ग केवल उसकी शर्तों पर ही खोला जाएगा। जेद्दा में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने सोमवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल Brad Cooper से मुलाकात की और हूती विद्रोहियों के खिलाफ सहायता की मांग की। अमेरिका ने खुफिया जानकारी तो साझा की है लेकिन सीधे तौर पर कोई हवाई हमला करने से परहेज किया है। इस जटिल सुरक्षा माहौल में यमन से मिसाइल खतरे, इराक से ड्रोन गतिविधि और ऊर्जा मार्ग बंद होने के कारण जीसीसी (GCC) देश इस बढ़ते संकट के बीच अपनी एकजुटता बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।