Saudi Airlines: सऊदी अरब की एयरलाइंस के लिए नेपाल के दो नए एयरपोर्ट से उड़ान का रास्ता साफ

नेपाल सरकार ने सऊदी अरब की एयरलाइंस के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लेते हुए पोखरा और भैरहवा स्थित नवनिर्मित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों से विमानों के आने-जाने का रास्ता पूरी तरह से साफ कर दिया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौते पर अंतिम हस्ताक्षर होने के बाद यह कानूनी और संस्थागत ढांचा तैयार हुआ है, जिससे आने वाले दिनों में यात्रा और व्यापार के नए रास्ते खुलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। इस नए कदम से दोनों देशों के बीच के आपसी रिश्ते और अधिक मजबूत होने की बात कही जा रही है, जिसका सीधा फायदा उन आम नागरिकों और कामगारों को मिलेगा जो दोनों देशों के बीच लगातार आना-जाना करते रहते हैं।
नया समझौता और क्या कहती है आधिकारिक जानकारी
संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के संयुक्त सचिव एवं प्रवक्ता जयनारायण आचार्य के अनुसार, इस नए समझौते के तहत सऊदी अरब की एयरलाइंस को नेपाल के पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भैरहवा के गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी उड़ानें संचालित करने की पूरी अनुमति मिल गई है। मंत्रालय के अधिकारियों का यह भी कहना है कि नेपाल के पास इस समय अपनी उड़ानों के संचालन के लिए पर्याप्त विमान उपलब्ध नहीं हैं, जबकि सऊदी अरब के पास विमानों की अच्छी खासी उपलब्धता है। ऐसे में अगर सऊदी एयरलाइंस इन दोनों नए एयरपोर्ट्स से अपनी फ्लाइट्स चलाना चाहती है, तो यह नया समझौता उन्हें इसके लिए पूरी कानूनी सुविधा और अधिकार प्रदान करता है।
पुराने समझौते का इतिहास और सीटों का दायरा
आपको बता दें कि नेपाल और सऊदी अरब के बीच इससे पहले साल 1999 में एक पुराना द्विपक्षीय हवाई सेवा समझौता हुआ था। उस पुराने समझौते के तहत दोनों देशों की एयरलाइंस को प्रति सप्ताह कुल 5,600 सीट और सालाना 2,91,200 सीट के बराबर ही अपनी हवाई सेवाओं को संचालित करने की अनुमति दी गई थी। नेपाल सरकार को पूरी उम्मीद है कि अब इस नए और आधुनिक समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क का दायरा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा। इस पहल से केवल यात्री और कार्गो सेवाओं का ही विकास नहीं होगा, बल्कि नेपाल के पर्यटन क्षेत्र को भी एक नया बढ़ावा मिलने की पूरी उम्मीद है।
व्यापार, निवेश और आम लोगों के बीच मजबूत रिश्ते
मंत्रालय की तरफ से यह भी साफ किया गया है कि इस समझौते के जरिए दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार और निवेश के नए-नए अवसर पैदा होंगे, जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी और जन-जन के रिश्ते भी प्रगाढ़ होंगे। प्रवक्ता जयनारायण आचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अंतिम समझौता दोनों देशों की नामित एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के स्थापित नियमों और सिद्धांतों के आधार पर अपनी नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चलाने के लिए एक मजबूत कानूनी आधार देता है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नेपाल और सऊदी अरब के आपसी संबंध केवल सरकार से सरकार के स्तर तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के आम नागरिकों के दिलों में भी एक-दूसरे के लिए खास जगह है। चूंकि हजारों की संख्या में नेपाली नागरिक रोजी-रोटी कमाने के लिए सऊदी अरब में काम कर रहे हैं, इसलिए यह नया हवाई सेवा समझौता उन सभी प्रवासियों और उनके परिवारों के लिए विशेष रूप से बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण साबित होने वाला है।